
अनदेखी का शिकार है टोडारायसिंह के पर्यटन स्थल
टोडारायसिंह. कस्बे के निकट तक्षक गिरी पहाड़ी Takshara Giri Hill तलहटी स्थित प्राकृतिक बुद्धसागर झील (Buddhsagar Lake)के सौंदर्यता पर तीन विभागों का नाकामी त्रिशंकू पहरा ग्रहण साबित हो रहा है।
हालात यह है कि हरे भरे वृक्षों से घिरी इस झील के अस्तित्व पर अब खतरा मंडराने लगा है। कही वृक्षों की अवैध कटाई तो कही अवैध रुप से मछलियों का आखेट। यह झील हर ओर से समस्याओं से घिरी नजर आ रही है।
उल्लेखनीय है कि कस्बे के निकट तक्षकगिरी पहाड़ी तलहटी में तीन ओर से पहाडिय़ों से घिरा बुद्धसागर (प्राकृतिक झील) स्थित है। उक्त भूमि (स्थल) पहाड़ी वन से घिरा होने से वनविभाग Forest department तथा टोडारायसिंह कस्बे व बस्सी पंचायत के मध्य होने से नगरपालिका व ग्राम पंचायत अधिनस्थ है।
तीन विभागों के अधिनस्थ होने के बावजूद प्राकृतिक छटां संजोए उक्त स्थल का पर्यटन tourism की दृष्टि से विकास नहीं हो पाया है। गत दो दशक पहले वनविभाग ने सौंदर्यकरण के लिए यहां लाखों रुपये खर्च कर दोनों ओर फुलवारी व सघन वृक्षावली विकसित की थी, लेकिन अनदेखी व सार संभाल के अभाव में लाखों रुपए की फुलवारी ने अस्थित्व खो दिया तो दूसरी ओर झील का सौंदर्य बिगडऩे लगा है।
पालिका के तहत निर्मित दीवारें व सुरक्षा दृष्टि से लगाई गई रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई। यूं तो पहाड़ी तलहटी में हरियाळी से आच्छादित प्राकृतिक छटां लिए बुद्धसागर को पर्यटन की विपुल संभावनाए है।
त्रिशंकू पहरे (तीनों विभाग) के बावजूद आपसी सामजस्य के अभाव में आधुनिक विकास तथा पानी की आवक नहीं होने से सैलानियों का रूझान घटने लगा है।
कस्बेवासियों का आरोप है कि विभागीय अनदेखी के बीच झील की पाळ व पहाड़ी क्षेत्र स्थित हरे वृक्षों की अवैध कटाई की जा रही है। लाखों रुपए फुलवारी व वृक्षावली समाज कंटको की भेंट चढ़ गई है। प्रतिबंध के बावजूद सागर (झील) में मछलियों का अवैध आखेट (शिकार) किया जा रहा है। इसको लेकर कस्बेवासियों में नाराजगी है।
- पर्यटन की विपुल संभावनाएं
प्रकृति प्रेमी किशनलाल समेत अन्य लोगों का कहना है कि तक्षकगिरी पहाड़ी तलहटी में स्थित बुद्धसागर झील, खारोळा सागर व आमसागर कस्बे के रमणीक स्थल है।
जहां शांत वातावरण में न केवल पक्षियों का कलरव सुनाई देता है, बल्कि सुबह योगाभ्यास व घूमनें वालों की चहल कदमी पिकनिक स्थल की शोभा बढ़ाती ,जिसमें बुद्धसागर की पाळ पर पीपाजी की गुफा व कई समाज के विरांगनाओं के सती स्थल भी है। उक्त स्थलों पर पर्यटन की विपुल संभावनाएं है। इनका पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाना चाहिए।
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Published on:
24 Jun 2019 02:33 pm
