
बजरी के अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए एसआईटी ने बनास में जेसीबी से खुर्द बुर्द किए बजरी परिवहन के रास्ते
राजमहल. पिछले कई दिनों से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर राजमहल व बोटून्दा के करीब बनास नदी में चल रहे बजरी के अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए एसआईटी ने रविवार शाम बजरी रास्तों पर तीन जेसीबी चलाकर बजरी पेड़ों को खुर्दबुर्द कर दिया।
दूनी थानाधिकारी बाबू लाल टेपण व तहसीलदार देवली रमेश चन्द ने बताया कि राजमहल, बोटूृन्दा, नयागांव, कुरासियां संथली, सतवाड़ा आदि जगहों पर रोजाना बजरी खनन की शिकायतें मिलती थी। टीम की रैकी में जुटे खननकर्ताओं के कारण मौके पर पहुंचने से पहले ही वे सतर्क हो जाते थे।
वही बजरी वाहनों को इधर-उधर छुपा देते थे या फिर खाली कर भाग जाते थे। इससे परेशान प्रशासन ने रविवार को मौके पर पहुंचकर बजरी के रास्तों पर गहरी खाइयां खोद दी। इससे कुछ हद तक बजरी के अवैध खनन पर अंकुश लग सके।
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इन पर होगी कार्रवाई
तहसीलदार देवली ने बताया कि बजरी रास्तों पर पहले भी खाइयां खोदी गई थी, लेकिन खननकर्ताओं की ओर से रात को जेसीबी चलाकर गड्ढो को भर दिया जाता था। अब क्षेत्र के सभी जेसीबी मालिकों को पाबंद किया जाएग। इससे वो मशीनें नदी में नहीं उतारे। किसी भी जेसीबी की शिकायत मिली तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खेतों में निकाले बजरी मार्ग
बोटून्दा के पास पिछले कुछ दिनों से बजरी माफियाओं ने पुलिस व एसआईटी की नजरों से बचने के लिए बजरी के मुख्य मार्गों को छोडकऱ खातेदारी की कृषि भूमि में बजरी के मार्ग निकालकर सीधे बनास में पहुंचा दिए। इससे वो मुख्य सडक़ मार्ग के रपटे को छोडकऱ खेतों में बजरी के स्टॉक कर ट्रकों में बजरी भरवाने का कार्य आसानी से कर सके।
Published on:
04 Nov 2019 10:14 am
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