इस शो में कंटेस्टेंट के रूप में आई कर्नाटक के हुबली की रहने वालीं सुधा मूर्ति कॉलेज में इंजीनियरिंग के लिए 599 लड़कों के बीच वो अकेली छात्रा थीं।
ऩई दिल्ली। अमिताभ बच्चन का मशहूर शो 'कौन बनेगा करोड़पति' अब हमसे जितने दूर जा रहा है लोग उनते ही इससे और अधिक जुड़ते जा रहे है। मतलब यह शो अब जल्द ही खत्म होने वाला है। लेकिन इस शो में हमेशा ऐसा कुछ होता आया है कि यह शो हर किसी के बीच चर्चे में बना रहा है। पहले एपिसोड से ही शो दर्शकों की पहली पसंद बन चुका है। वहीं अमिताभ बच्चन का अंदाज भी शो की टीआरपी बढ़ाने में कामयाब रहा है । इसके आखिरी एपिसोड में कर्मवीर प्रतियोगी के रूप में इंफोसिस फाउंडेशन की चेयरपर्सन सुधा मूर्ति ने शिरकत की।
कर्नाटक के हुबली की रहने वालीं सुधा मूर्ति टीचर और जानी मानीं लेखिका भी हैं। सुधा मूर्ति ने करीब 33 किताबें लिखी हैं और इंफोसिस फाउंडेशन के जरिए 60 हजार लाइब्रेरी की स्थापना की है। साथ ही स्कूलों का निर्माण भी करवाया है। सुधा मूर्ति जब शो में पहुंचीं तो अमिताभ बच्चन ने उनके देखते ही सबसे पहले उनके पैर छुए।
इसके बाद अमिताभ बच्चन सुधा मूर्ति से कुछ हंसी मजाक की बात करते हुए कहा हैं कि 'आप वहां से चलकर आ रही थीं तो फिर आप मेरी सीट की ओर जाने लगी। (इस दौरान अमिताभ ने अपनी सीट की ओर इशारा )किया। सुधा मूर्ति कहती हैं कि 'मुझे मालूम नहीं था।' आगे अमिताभ कहते हैं कि 'ऐसे में तो हमारी नौकरी खतरे में पड़ जाती।' इतना सुनते ही सेट पर मौजूद सभी दर्शक हंसने लगते हैं।
सुधा मूर्ति ने इस शो से 25 लाख रुपये जीते। उनकी चारों लाइफलाइन खत्म हो चुकी थी। 50 लाख के लिए उनसे सवाल पूछा गया-
सवाल: इनमें से कौन सी अभिनेत्री लगातार दो वर्ष तक सर्वश्रेष्ठ अभिनेेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार जीत चुकी हैं?
सुधा मूर्ति ने दिए गये ऑप्शन से काजोल पर अनुमान लगाया जबकि इसका सही जवाब जया बच्चन था। इसके बाद अमिताभ बच्चन कहते हैं कि 'आज मुझे घर पर बहुत मार पड़ने वाली है।'
शो के दौरान सुधा ने बताया कि कैसे उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और अपनी बेटी की बातों से प्रेरित होकर इंफोसिस की नींव रखी। जब उन्होंने कर्नाटक के हुबली कॉलेज में इंजीनियरिंग के लिए एडमिशन लिया तो 599 लड़कों के बीच वो अकेली छात्रा थीं।