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सनी हिन्दुस्तानी की कहानी है​ बॉलीवुड मूवी जैसी: यूट्यूब से सीखे गायकी के गुर, शो से मिली शौहरत, बनें बॉलीवुड की पसंद

सनी हिन्दुस्तानी ( Sunny Hindustani ) ने इंडियन आइडल ( Indian Idol ) में अपनी आवाज से सबको दीवाना बना रखा है। उनको बॉलीवुड मूवीज से भी लगातार आॅफर आ रहे हैं।

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सनी हिन्दुस्तानी की कहानी है​ बॉलीवुड मूवी जैसी: यूट्यूब से सीखे गायकी के गुर, शो से मिली शौहरत, बनें बॉलीवुड की पसंद

सनी हिन्दुस्तानी की कहानी है​ बॉलीवुड मूवी जैसी: यूट्यूब से सीखे गायकी के गुर, शो से मिली शौहरत, बनें बॉलीवुड की पसंद

मुंबई। रियलिटी सिंगिंग शो 'इंडियन आइडल 11' ( Indian Idol ) के टॉप 8 में पहुंचे बठिंडा के सनी हिन्दुस्तानी ( Sunny Hindustani ) की जर्नी फिल्मी कहानी जैसी है। परिवार की माली हालत खराब होने के चलते सनी को बचपन से ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा। घर चलाने के लिए उन्हें जूते पॉलिस का काम करना पड़ा। तमाम परेशानियों को झेलते हुए भी गाने का शौक बरकरार रहा। फिर इंडियन आइडल में आॅडिशन दिया और किस्मत अचानक पलट गई। शो में जजेज ने उनकी गायकी को नुसरत फतेह अली खान जैसी बताया। शो के ही दौरान उन्हें फिल्मों के लिए गाने का मौका मिला। सनी ने पत्रिका एंटरटेनमेंट से खास बातचीत में अपने सफर को शेयर किया है।

ऐसे लगा गायकी का शौक

मैंने सात वर्ष की आयु में पहली बार नुसरत फतेह अली खान का गाना 'वो हटा रहे हैं परदा' एक दरगाह पर सुना था। ये गाना सुनकर मैं रो पड़ा। उसके बाद मुझे गायकी का शौक लग गया। नुसरत साहब सहित अनेक गायकों के गानों को मैं गुनगुनाने लगा। एक बार राजस्थान के हनुमानगढ़ में एक मेले में मुझे स्टेज पर गाने को कहा गया। लोगों को मेरा गायन पसंद आया। इसके बाद मुझे और जगहों से भी गाने के आॅफर आने लगे।

नहीं ली संगीत की शिक्षा
मैंने संगीत की शिक्षा कहीं से नहीं ली। बचपन से बड़े कलाकारों को सुनता रहा। उनकी गायकी का स्टाइल, सरगम, अलाप को फॉलो करता था। जब मैं गाना गाते हुए गलती करता था, तो मुझे पता लग जाता था कि गड़बड़ हो गई। उनमें सुधार कर रिपीट करता था। हालांकि कोई स टीक फॉर्मूला नही बता सकता, बस ये मुझे भगवान का दिया तोहफा है। मुझे खुद को मेरा गाना बहुत अच्छा लगता था। मेरे पापा और दादी भी अच्छा गाते थे। उनसे भी बहुत कुछ सीखा। हालांकि सुर की समझ मुझे इंडियन आइडल में आकर आई।

उधार पैसे लेकर आया मुंबई
जब मेरे पापा का निधन हो गया, तो घर की सारी जिम्मेदारी मुझपर आ गई। सबकुछ छोड़कर छोटे-मोटे काम करने लगा। गाना बंद करना पड़ा। अच्छा गायक होने के बाद भी गायकी छोड़ने पर लोग ताने मारने लगे। इससे परेशान होकर मैंने फैसला किया कि मैं भी किसी टीवी शो में जाकर अपना भाग्य आजमाउंगा। पैसे उधार लेकर मैं मुंबई चला आया। उस समय मेरी कोई तैयारी नहीं थी।

बॉलीवुड सॉन्ग में दी आवाज
इमरान हाशमी की फिल्म 'द बॉडी' में भी 'रोम रोम' गाना गा चुका हूं। मैंने कंगना रानोत की फिल्म 'पंगा' के लिए शंकर महादेवन के साथ 'जुगनू' सॉन्ग गाया है। इसे जावेद अख्तर ने लिखा है। जब गाना मिला तो मुझे दो दिन तक नींद नहीं आई, यकीन ही नहीं हुआ कि इतने बड़े गायक के साथ मौका मिल रहा है। हिमेश रेशमिया ने भी अपनी अगली फिल्म में गाने का मौका दिया है। जस्सी गिल भी मेरे साथ एक पंजाबी सॉन्ग करना चाहते हैं। हाल ही में सनी को मशहूर संगीतकार बप्पी दा के लिए गाने का मौका मिला है।

लोगों की करूंगा मदद
जब मैं कठिनाईयों भरा जीवन जी रहा था, तो मुझे किसी तरह की कोई मदद नहीं मिली। मैं चाहता हूं कि जब भी मौका मिलेगा, मैं ऐसे लोगों की मदद करूंगा जो मेरे जैसे हालातों के चलते आगे नहीं आ पा रहे। मैंने बहुत बुरे दिन देखे हैं। अब अपने जीवन को बेहतर बनाने की कोशिश करूंगा। मेरे मां को वो सब देना चाहूंगा, जो अब तक नहीं दे पाया।