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INDIAN IDOL: अमानवीय ऑडिशन्स का हुआ भांडफोड़ ! पार्टिसिपेंट ने सुनाई उस दिन की आपबीती

काफी समय से रिएलिटी शो के ऑडिशन्स में हेरा फेरी का आरोप लगता रहा है। अब एक बार फिर से ये ऑडिशन्स गलत कारणों से चर्चा में हैं।

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Amit Kumar Singh

Aug 24, 2018

indian idol

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देश के चर्चित रिएलिटी शो इंडियन आइडल का सफरनामा अपने दसवें सीजन तक पहुंच गया है। इस शो ने देश को कई बड़े सिंगर दिए हैं। आज भी यह शो देश भर की नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करता है। शो में भाग लेने वाले सभी कंटेस्टेट्स को कुछ ऑडिशन से गुजरना पड़ता है। काफी समय से इन ऑडिशन्स में हेरा फेरी का आरोप लगता रहा है। अब एक बार फिर से ये ऑडिशन्स गलत कारणों से चर्चा में हैं।

पूर्व पार्टिसिपेंट ने किया खुलासा
साल 2012 में इंडियन आइडल के लिए ऑडिशन दे चुके निशांत कौशिक ने इसके ऑडिशन से जुड़े चौकाने वाले खुलासे किए हैं। हाल ही में टि्वटर पर उन्होंने इस बारे में अपना पक्ष रखा है।सोशल मीडिया पर ये ट्वीट्स काफी शेयर किए जा रहे हैं।

रात भर लगते थे लाइन में
निशांत लिखते हैं, ' ऐसी आम धारणा है कि यह शो टैलेंट को बढ़ावा देने के लिए अच्छी जगह है। मुझे लगता है कि अपने सपनों को नष्ट करने का यह सबसे अच्छा जरिया है।' निशांत ने बताया कि साल 2012 की मई में मुंबई में ऑडिशन आयोजित कराए गए थे जहां वो सिर्फ मस्ती के लिए पहुंच गए थे। करीब 2 किलोमीटर लंबी कतारें थीं। तमाम लोग थे जो बहुत जोश में थे। जिन्हें लगता था कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा मौका है। तमाम ऐसे थे जो अपने माता-पिता के साथ यहां पहुंचे थे। वह भी सुबह 7 बजे से लाइन में लग गए थें, लेकिन तमाम लोग ऐसे भी थे जो सुबह 5 बजे से ही लाइन में लग गए थे। इसके अलावा कुछ तो ऐसे भी थे जो रात भर लाइनों में थे क्योंकि वह सबसे आगे शामिल होना चाहते थे। हालांकि किसी ने भी उनकी आंखों पर पड़े पर्दे को नहीं हटाया कि यहां पहले आओ पहले पाओ जैसा कुछ भी नहीं है। घंटों का इंतजार, बावजूद इसके दरवाजे दोपहर 1 बजे खोले गए। '

खस्ता इंतजाम
उन्होंने बताया, 'इस लंबे वक्त में वहां न तो टॉयलेट की कोई सुविधा थी और न ही खाने-पानी के स्टॉल।' यदि आपको लाइन से बाहर आकर इसकी तलाश में जाना होता तो इस बात की पूरी संभावना थी कि आप जगह खो देते। खैर, दोपहर के एक बजे हमारा इंतजार खत्म हो गया? गलत! दोपहर एक बजे हमें किसी झुंड की तरह स्कूल ग्राउंड के एक स्टेज की तरफ भेज दिया गया जहां पिछले साल का एक विजेता कंटेस्टेंट स्पीकर पर बज रहे गानों पर होंठ हिला रहा था। निशांत ने बताया कि ये परफॉर्मेंस शाम 5 बजे तक चलती रहीं और इसी बीच हमने नोटिस किया कि हजारों की भीड़ के लिए बीच में कही एक कनस्तर पानी और एक टॉयलेट लगाया गया था।'

खाने के लिए भी तरसे
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने क्रू से यह पूछा कि क्या हम खाने या पानी के लिए जा सकते हैं? तो क्रू ने कहा - आप अपने रिस्क पर जाइए, क्योंकि ऑडिशन किसी भी वक्त शुरू हो सकते हैं। हालांकि जब ऑडिशन की शुरुआत का सही वक्त पूछा गया तो इस बारे में भी हमें कुछ नहीं बताया गया। निशांत के मुताबिक, शाम 8 बजे तक ऑडिशन शुरू नहीं हुए और फिर हमें एक अन्य स्टेज के सामने चिल्लाने के लिए कहा गया। हमें चीखने चिल्लाने लिए कहा गया कि 'WE LOVE INDIAN IDOL!'

दिव्यांगों को भी उठानी पड़ी थी परेशानी
निशांत ने बताया कि उन्हें कतार में ऐसे लोग भी मिले जो दिव्यांग थे और कई सौ किलोमीटर दूर से यहां तक आए थे। बावजूद उनके लिए कोई अलग से सुविधा नहीं थी। दृष्टिहीन लोग भी उसी कतार में थे। निशांत के इन ट्वीट्स को सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है।