
एबीवीपी के छात्र नेताओं ने कॉमर्स कॉलेज में बुधवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने कॉलेज के डीन से मुलाकात की और परिणाम पर आपत्ति जताई।
उदयपुर . मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय (MLSU) के संघटक कॉमर्स कॉलेज (Commerce College) के फर्स्ट सेमेस्टर के परिणाम को देखकर यहां की शैक्षणिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। बात चौकाने वाली है, क्योंकि कॉलेज में 750 विद्यार्थियों ने प्रथम सेमेस्टर के तहत इंटरनल परीक्षा दी थी। जब परिणाम सामने आए तो सभी भौंचक्के रह गए। इसमें 450 से अधिक विद्यार्थी फेल हो गए। परिणाम में ये बात भी सामने आई कि जिन विद्यार्थियों ने 12वीं परीक्षा में 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए हैं। वे भी इसमें फेल हो गए। ऐसे में कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत की गई तैयारी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ऑप्शन पर नहीं, एक चीज पर दिया ध्याननई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 20 नंबर का इंटरनल एग्जाम करवाना होता है। इसमें विद्यार्थियों को ऑप्शन दिए हुए हैं। जिसमें एसाइनमेंट, मौखिक सवाल-जवाब करना, प्रोजेक्ट आदि ले सकते हैं। लेकिन यहां सीधे ही 20 नंबर की परीक्षा करवाने की बात कह दी गई। ऐसे में विद्यार्थी भी असमंजस में पड़ गए और केवल एक ही ऑप्शन परीक्षा के लिए चुन लिया। जब परिणाम आया तो पास होने के लिए पर्याप्त अंक भी हासिल नहीं कर सके।
एबीवीपी (ABVP) ने किया प्रदर्शन
कॉमर्स कॉलेज में प्रथम सेमेस्टर का परिणाम छह फरवरी को घोषित किया गया। इसमें इतने विद्यार्थियों के फेल होने की जानकारी मिली तो एबीवीपी के छात्र नेताओं ने कॉमर्स कॉलेज में बुधवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने कॉलेज के डीन से मुलाकात की और परिणाम पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी अव्यवस्थाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ नारे भी लगाए। उन्होंने डीन से छात्र हित में निर्णय लेने की मांग की।
राजस्व अर्जित करने का फंडा
एबीवीपी के छात्र नेता रौनक राज ने बताया कि इस तरह से छात्रों को फेल करना कॉलेज की मंशा पर सवाल खड़े करता है। विवि विद्यार्थियों को डिफाल्टर घोषित कर उनसे परीक्षा के नाम पर पर रुपए वसूलने की तैयारी कर रहा है। वे 500 रुपए वसूल कर राजस्व अर्जित करना चाहते हैं।
इनका कहना
विद्यार्थियों के अंकों को आधा करके उनका समाधान कर दिया है। अब वे डिफाल्टर के रूप में परीक्षा दे सकेंगे। उनसे दस नंबर का एसाइनमेंट एनइपी के तहत लिया जाएगा। जिसके आधार पर शिक्षक उन्हें अंक देकर पास कर देंगे। विद्यार्थियों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
प्रो.बीएल वर्मा, डीन, कॉमर्स कॉलेज, उदयपुर
Published on:
08 Feb 2024 01:49 am
