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कुछ माह पहले ही भरवाई थी इस एमआरआई मशीन में 40 लाख की हिलियम

हिलियम लीक होने से हो रही है परेशानी - कई दिनों से बंद है एमबी में एमआरआई मशीन
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हिलियम लीक होने से हो रही है परेशानी - कई दिनों से बंद है एमबी में एमआरआई मशीन

हिलियम लीक होने से हो रही है परेशानी - कई दिनों से बंद है एमबी में एमआरआई मशीन

भुवनेश पण्ड्या

उदयपुर. महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में कई दिनों से एमआरआई मशीन खराब है, इसका कारण है इसमें से हिलियम लीक होना। यह एआरआई वद्र्धमान मार्के टिंग की ओर से पीपीपी मोड पर चलाई जा रही है। हालांकि इसमें फर्म ने प्रशासन से कहा है कि लगातार इस एमआरआई मशीन से हिलियम लीक हो रही है, इसलिए इसे फिर से भरवाना मुश्किल हैं, इसे लेकर शनिवार को चिकित्सालय प्रशासन ने पीपीपी मोड़ पर इसे चलाने के लिए जयपुर की एमके एन्टरप्राइजेज से चर्चा की है। फर्म ने इसे अन्य निजी चिकित्सालय से करवाने की हामी भरी है, हालांकि इसके लिए वद्र्धमान मार्केटिंग भी तैयार हैं।

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महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में कई दिनों से बंद एमआरआई को लेकर हॉस्पिटल प्रबन्धन ने विकल्प तलाश लिया है। इसके लिए प्रबन्धन ने जयपुर की एमके एन्टरप्राइजेज को काम सौंपने की तैयारी कर ली है, इसे लेकर फर्म के प्रतिनिधि को शनिवार को बुलाकर चर्चा की गई है।

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ऐसे होगा कामफर्म द्वारा किसी निजी हॉस्पिटल से अनुबंध किया जाएगा, फर्म को कहा जाएगा कि वह एमआरआई के लिए आने वाले मरीजों को यहां से उस निजी हॉस्पिटल तक लाए और ले जाने के लिए किसी एम्बुेंलस की व्यवस्था करें। साथ ही मरीजों को एमआरआई के लिए उस हॉस्पिटल भेजा जाएगा। वहां से उनकी एमआरआई होने के बाद वापस लाया जाएगा। इससे मरीजों को बेवजह परेशानी नहीं होगी।

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नई मशीन भी आएगी जल्दप्रबन्धन ने नई मशीन मंगवाने के लिए मंथन शुरू कर दिया है, लेकिन ये वैकल्पिक व्यवस्था इसलिए की जा रही है, ताकि मशीन आने तक इस व्यवस्था के जरिए मरीजों का काम नहीं रुके। मशीन आने में कुछ माह लगने की बात कही जा रही है।- वर्ष 2005 में इस मशीन को लगाया गया था। ऐसे में ये एमआरआई मशीन पुरानी हो चुकी है। वर्ष 2012 में नया टेंडर करना था, लेकिन नहीं हो पाया। इसे ही बढ़ाया जा रहा था। ऐसे में परेशानी होती रही। सोमवार को इस नए प्रस्ताव को लेकर मुहर लगेगी।

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हमने बाजार दर से करीब आधी दर पर होने वाली एमआरआई का विकल्प तलाशा है। जल्द ही इसकी व्यवस्था तय हो जाएगी।प्रयास ये है कि मरीजों को परेशानी ना हो।

डॉ लाखन पोसवाल, अधीक्षक महाराणा भूपाल हॉस्पिटल