
TN : रिवॉल्वर व हंसिया के साथ TikTok विडियो बनाने के आरोप में एक गिरफ्तार
उदयपुर. गोवद्र्धनविलास थानापुलिस ने गैंग बनाकर फर्जी तरीके से जमीन का पांच करोड़ में सौदा कर 50 लाख रुपए लेने वाले फरार मुख्य आरोपी को पुणे (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया। आरोपी वहां पर मराठी वेशभूषा पहन हुलिया बदलते हुए मकानों पर रंगाई पुताई का काम कर रहा है। हाल में उसने वहां से एक टिक-टोक सोश्यल मीडिया पर अपना वीडियो वायरल किया जिसे पुलिस ने ट्रेक करते हुए उसे पकड़ लिया। अब तक इस मामले में एक महिला सहित दस आरोपी पूर्व में गिरफ्तार हो चुके है।
उपाधीक्षक प्रेम धणदे ने बताया कि मामले का मुख्य सरगना सिंहाड़ डबोक निवासी दिनेशनाथ पुत्र दौलतनाथ वारदात के बाद मोबाइल बंद कर फरार था। अभी हाल में उसने अपना एक वीडियो टीक-टॉक सोश्यल एप पर अपलोड किया। वीडियो में उसने उदयपुर में धोखाधड़ी करना स्वीकार किया तथा वर्तमान में पुणे (महाराष्ट्र) में कलर का कार्य करना बताते हुए लोकेशन दी। वीडियो के आधार पर सीआई चेनाराम पचार, हेडकांस्टेबल गणेशसिंह, मनोहरसिंह, कांस्टेबल दिनेशसिंह, राकेश मेहता, राजेन्द्र सिंह व साइबर सेल के लोकेश रायकवाल मय टीम पुणे पहुंची। टीम ने वहां निवासरत राजस्थानी परिवारों से सम्पर्क कर आरोपी के बारे में जानकारी प्राप्त की। सम्पर्क के बाद पुणे (महाराष्ट्र) के पींपरी छिंछवाड़ के इलाके की करीब 50 से ज्यादा निमार्णाधीन बहुमंजिला इमारतों पर जाकर तलाशी की तो आरोपी के लोकेशन उसी इलाके चिखली इलाके में मिली। पुलिस ने वहां दो दिन रैकी के बाद उसे पकड़ लिया। गौरतलब है कि आरेापी ने पूर्व में गिरफ्तार दस आरोपियों के साथ मिलकर एक जमीन का हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-14 निवासी भंवरलाल पुत्र घासीराम जैन से 5 करोड़ में सौदा कर 50 लाख रुपए हड़प लिए। असली मालिक सामने आने पर वारदात का खुलासा हुआ।
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हुलिया बदलकर रह रहा था आरोपी
आरोपी ने वहां पर अपना हुलिया बदलते हुए स्वयं को मराठी बना लिया था। पुलिस को उसे पहचानने में पसीना आ गया। गिरफ्तारी के समय भी उसने मराठी वेशभूषा पहन रखी थी और पूछताछ में उसने अपना नाम राजीव बताया। उसके हाथ पर बने टेटू के बारे में पुलिस को जानकारी होने से उसका झूठ पकड़ा गया। कड़ाई से पूछताछ करते ही वह टूट गया। उसने बताया कि उदयपुर में धोखाधड़ी के बाद उसने उज्जैन(मध्यप्रदेश), बडौदा(गुजरात) व पुणे (महाराष्ट्र) में फरारी काटी। बडौदा (गुजरात) में दो माह तक चाय को ठेला लगाया। पुणे में पेटिंग व कलर का का काम कर रहा था। आरोपी के विरुद्ध शहर के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, हत्या का प्रयास, मारपीट के चार प्रकरण दर्ज है।
पूर्व में यह सभी आरोपी पकड़े गए
धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस पूर्व में हिस्ट्रीशीटर सेक्टर-14 निवासी प्रीतमसिंह उर्फ बंटी पुत्र हरीसिंह राजपूत व देबारी निवासी प्रेमसिंह पुत्र प्रतापसिंह राजपूत को गिरफ्तार किया। पुलिस पूर्व में पाराखेत हिरणमगरी निवासी खेमराज उर्फ विक्रम पुत्र किशन गमेती, केसरपुरा एकलिंगपुरा निवासी रोशन पुत्र हुकमीचन्द डांगी, कानपुर निवासी शंकरलाल पुत्र देवीलाल डांगी, डांगियों का गुड़ा लखावली निवास पप्पू उर्फ कोबरा पुत्र लेहरीलाल डांगी, कानपुर निवासी भंवरलाल पुत्र डालूजी डांगी व अमरा डूंगरी सेरिया सलूम्बर निवासी हकरीबाई पत्नी होमजी को गिरफ्तार कर चुकी है।
यह था मामला
परिवादी भंवरलाल जैन पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि पाराखेत निवासी परिचित खेमराज पुत्र किशन गमेती व अन्य परिचित होने से घर आए। पत्नी की मौजूदगी में कहा कि ब्रह्मपुरी तितरड़ी निवासी बालूसिंह पुत्र सोहनसिंह व उनकी मां नारायणी बाई राजपूत स्वंय की खातेदारी का 2.1600 हैक्टर भूमि का भूखंड बेचना चाहते हैंं। आरोपियों ने एक फर्जी खातेदार व महिला को लाकर भूखंड का सौदा 5 करोड़ में किया तथा अग्रिम 50 लाख ले लिए। परिवादी का कहना था कि वह भूखंड पर जेसीबी लेकर गया तो वास्तविक खातेदार सामने आने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
यूं की धोखाधड़ी
आरोपियों ने एक गैंग बनाकर हकरीबाई पत्नी होमजी को मूल खातेदार बालूसिंह की मां नारायणीबाई बनाकर परिवादी के समक्ष पेश करते हुए फर्जी एग्रीमेंट तैयार कर 50 लाख ले लिए। बाकी 4.50 करोड़ की राशि रजिस्ट्री के समय देना तय हुआ। उसके बाद परिवादी जैन जब भूखंड की सफाई करवाने जेसीबी लेकर पहुंचा तो मूल खातेदार सामने आ गए और मामले का खुलासा हो गया। इस बीच आरोपियों ने फर्जी बैंक खाते में राशि लेकर आपस बंटवारा भी कर लिया।
Updated on:
16 Dec 2019 01:54 pm
Published on:
16 Dec 2019 01:43 pm
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