4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सर्विलांस सेंपल से नहीं बच पाएंगे मिलावटखोर, अब प्रतिदिन होगी नमूनों की जांच

खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर शिकंजा कसने की सरकार ने नई तैयारी कर ली है। सरकार अब सर्विलांस सेंपल के जरिए खाद्य व्यवसायियों पर कड़ी नजर रखेगी...
2 min read
Google source verification
milavat.jpg

milavat.jpg

उदयपुर। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर शिकंजा कसने की सरकार ने नई तैयारी कर ली है। सरकार अब सर्विलांस सेंपल के जरिए खाद्य व्यवसायियों पर कड़ी नजर रखेगी। पहले जहां होली-दिवाली पर ही ज्यादातर खाद्य नमूनों की जांच की जाती थी और काफी देरी से इसकी रिपोर्ट आती थी, लेकिन अब नियमित नमूने लिए जाएंगे, इसकी जांच भी समय-समय पर करनी होगी। बकायदा इसकी रिपोर्ट कलक्टर की समीक्षा के बाद सरकार को भेजी जाएगी।

हर माह गुणवत्ता नियंत्रण कमेटी की होगी बैठक
- प्रदेश के प्रत्येक जिले में प्रतिमाह जिला गुणवत्ता नियंत्रण कमेटी की बैठक करना अनिवार्य है। इसमें नमूने लेने, निरीक्षण व सर्विलांस की विस्तार से समीक्षा होगी।
- सब, मिस व अनसेफ पाए गए प्रकरणों को समय पर न्यायालय में भेजने की कार्रवाई होगी।
- खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा होगी।
- प्रत्येक जिले में जिला स्वास्थ्य समिति की होने वाली मासिक बैठक में खाद्य पदार्थों में होने वाले मिलावट के बिन्दू को भी शामिल किया जाएगा। कलक्टर इसकी समीक्षा करेंगे।
- एफएसओ को रहना होगा सतर्क
- फूड सेफ्टी ऑफिसर की ओर से निरीक्षण कार्रवाई का इन्द्राज फोस्कोरिस एप्लीकेशन में करना होगा। इसकी समीक्षा हर माह की जाएगी कि किस जिले में कितने मामले सामने आ रहे हैं।
- प्रत्येक जिले पर एक स्थान चिह्नित कर स्ट्रीट फूड हब के रूप में विकसित किया जाए।
- समय-समय पर खाद्य कारोबारियों, कारीगरों व अन्य खाद्य व्यवसायियों से बैठक की जाए, उन्हें एफएसएसए एक्ट की जानकारी दी जाए।
- हर माह की पांच तारीख तक मासिक रिपोर्ट निदेशालय को भेजनी होगी।
- लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन के पेडिंग केस जल्द से जल्द निस्तारित करने होंगे। हर माह इसकी समीक्षा हो।
- लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। शिविर लगाकर लाइसेंस बनाने होंगे व पंजीयन करने होंगे।
- जिले की रेफरल लैब में भेजे गए नमूने की सूचना हर माह सरकार को भेजनी होगी।
- जिले में यदि मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब है तो एक एफएसओ को उसके साथ भेजना अनिवार्य है और एमएफटीएल की ओर से कम से कम 50 नमूने की जांच अनिवार्य है।
- जिले में मिलावट की रोकथाम के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करना होगा।
- हर जिले को अपनी एक विशेष टीम बनाकर तत्काल कार्रवाई करनी होगी।

सर्विलांस सेंपल को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए है। सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करना होगा।
अनिल भारद्वाज, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, उदयपुर