
गेंहू की फसल के बीच खेत में अफीम के पौधे
उदयपुर/ मेनार. agriculture news एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में उलझे किसानों के लिए खुशखबरी है। अदालती मामलों में दोषमुक्त हुए ऐसे किसानों को केंद्र सरकार की ओर से आगामी दिनों में अफीम के पट्टे जारी किए जाने के संकेत मिले हैं। कुछ दिनों के लिए 'गर्दिशÓ में रहे सितारों से परेशान ऐसे किसानों की जिंदगी में एक बार फिर रोशनी की उम्मीद बनी है। सब कुछ सही रहा तो प्रदेश सहित अफीम की अधिकतम खेती वाले चित्तौडगढ़़ एवं वल्लभनगर खण्ड में सरकार की ओर से एनडीपीएस एक्ट में रद्द किए गए पट्टों को एक बार फिर पुनर्जीवित किया जाएगा। बशर्ते कि ऐसे किसानों को अदालत की ओर से दोषमुक्त करार दिया गया हो और उन्हें अब तक भी पट्टे की सुविधा नहीं दी गई हो। बुधवार को वित्त मंत्रालय की ओर से इस मामले में ठोस निर्णय लिया गया है। मामले को लेकर चित्तौडगढ़़ सांसद सीपी जोशी ने बताया कि वर्ष 1984 में लागू कानून से लेकर पहली बार सरकार ने दोषमुक्त किसानों को राहत के साथ ये सौगात दी है। सांसद जोशी व मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता ने किसानों की समस्याओं को लेकर वित्त मंत्रालय में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण व वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर सहित अन्य लोगों से विषय को लेकर लंबी चर्चा की। हालांकि, अब तक इस मामले को लेकर कोई लिखित आदेश विभाग को नहीं मिले हैं।
अभी मिलेंगे पट्टे तो ही भला
सांसद जोशी ने बताया कि उनकी ओर से जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष स्थानीय किसानों की समस्याओं को लेकर हर बात को बखूबी रखा गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनकी ओर से अभी खेतों में हंकाई का सही समय बताते हुए बिना देर लगाए पट्टे जारी करने को कहा गया है। ताकि समय रहते किसान खेतों में बुवाई कार्य तेज कर दे। जोशी का दावा है कि मंत्रालय स्तर पर विषय पर संज्ञान लेते हुए आदेश जारी किया गया है। इसमें समयाविधि के तहत एनडीपीएस से दोषमुक्त किसानों को भी पात्रता सूची में शामिल किया गया है। सांसद ने तकनीकी कारणों से रोके गए पट्टों के लिए भी मंत्रालय स्तर पर सकारात्मक जवाब मिलने की उम्मीद जताई।
20 साल बाद
बता दें कि केंद्र सरकार के एनडीपीएस नियमों के तहत अपराध की धाराओं में दर्ज मामलों के बाद किसान को दोषी मान लिया जाता है। साथ ही ऐसे मामलों में अदालती निर्णय में बेकसूर साबित होने के बावजूद किसानों को पुन: पट्टा देने पर कोई विचार नहीं हो रहा था। इस पर वर्तमान की केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष एनडीपीएस नीति में बदलाव कर दिया था, लेकिन इसे लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ था। अब 1999 से 2017 के बीच में दोषमुक्त करार दिए गए किसानों को अफीम पट्टा मिल पाएगा।
लंबे समय से थी मांग
बेकसूर किसानों की ओर से पुन: पट्टा दिए जाने की मांग पिछले लंबे समय से उठ रही थी। इसके लिए जारी प्रयासों के बीच हमने केंद्रीय वित्त मंत्री एवं अधिकारियों से चर्चा की। agriculture news सरकार स्तर पर मामले में आदेश जारी हो गए हैं।
सी.पी.जोशी, सांसद चित्तौडगढ़़
Published on:
21 Nov 2019 06:00 am
