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ऑल इंडिया महिला मुशायरा : हाल हमारा पूछने आए घबराये-घबराये लोग..

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MUSHAIRA

हाल हमारा पूछने आए घबराये-घबराये लोग..

राकेश शर्मा राजदीप/उदयपुर. गजल एकेडमी उदयपुर, अंतरराष्ट्रीय महिला उर्दू लेखिका ट्रस्ट 'बनात' और महाराणा प्रताप कृषि एवं तकनीकी विश्वविद्यालय की ओर से बुधवार को सूरजपोल स्थित राजस्थान एग्रीकल्चर कॉलेज सभागार में ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन हुआ।

शहर में पहली बार हो रहे इस कार्यक्रम में अलीगढ़ की शायरा आसिफ इजहार अली ने 'हाल हमारा पूछने आये, घबराये-घबराये लोग..' कलाम पेश कर मुशायरे का आगाज किया। 'बनात' की राष्ट्रीय अध्यक्ष व शायरा दिल्ली की निगार अजीम ने 'दिल की निगाह में कैद है, चाहत की बुलबुलें..' और दिल्ली की ही सफीना ने 'यहीं राह में मिली थी कैसी अजब परी थी..' के अलावा 'अगले जनम मोहे बिटिया ही दीजो..' नज्म सुनाकर श्रोताओं की भरपूर दाद पाईं।

इधर, निजामत कर रही दिल्ली की अजरा नकवी ने 'वह अपने मन की स्याही से रोशन दिन को वे नूर करें..' कलाम पढ़ा तो कोलकाता की शायरा शहनाज रहमत ने 'गुमनाम रास्ते पे खां थी मैं मुस्तकिल..' पूना की शमशाद जलील शाह ने 'गुलाबों-सी तुम्हरी याद हर जानिब महकती है..' पटना की सुरैया जबीं ने 'तू मेरी जुस्त का सहारा था, मुश्किलों में संवारा था..' और सहारनपुर की तलत सिरोहा ने 'हम जब उर्दू में बात करते हैं तो लफ्जों से एक महक आती है...' जैसे कलामों से माहौल की रंगत बदल दी। इसके बाद शायरा नईमा जाफरी, हैदराबाद की रफिया नौशीन, उदयपुर की शायरा जौहरा खान और रजिया हैदर खान ने भी अपने कलाम पढ़कर वाहवाही लूटी।

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गजल एकेडमी सचिव डॉ. देवेंद्र सिंह हिरण ने बताया कि खास मेहमान सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. जेपी शर्मा, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रो. उमाशंकर शर्मा, एग्रीकल्चर कालेज डीन अरुणाभ जोशी सहित कंचनसिंह हिरण, डॉ. सरवत खान सहित अनक गणमान्य मौजूद थे। संचालन डॉ.पामिल मोदी ने किया।