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आखिरकार वही हुआ जिसके लिए पहले जताया जा रहा था अंदेशा

मानसून आ गया, बिरोठी पुलिया का निर्माण अब भी अधूरा,पाइप नहीं डालने से रपट पर आवागमन रहेगा बंद, 40 किमी दूरी तय कर तहसील मुख्यालय पहुंचेगा ग्रामीण
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udaipur

आखिरकार वही हुआ जिसके लिए पहले जताया जा रहा था अंदेशा

उदयपुर/ झाड़ोल. उपखण्ड के भाडेर क्षेत्र से गुजरती वाकल नदी पर बने बिरोठी-ओडा मार्ग पर निर्माणाधीन अधूरी पुलिया के अधूरे निर्माण को लेकर वही हुआ, जिसका डर था। मानसून सिर पर आ गया है और पुलिया के लिए बनी रपट पर पाइप नहीं पड़ सके हैं। विभागीय बजट के अभाव में संवेदक काम छोड़कर भाग निकला है और पीडब्ल्यूडी के ओहदेदार ग्रामीणों की समस्या को लेकर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। ऐसे में बरसात के दौरान नदी में आने वाले पानी के बहाव से गांव का संपर्क इस मार्ग से कट जाएगा और मजबूरी में लोगों को हर बार की तरह 40 किलोमीटर की दूरी तय कर तहसील मुख्यालय पहुंचना होगा। खास दिक्कतें तो स्कूली विद्यार्थियों और गर्भवती महिलाओं को होंगी, जो अतिरिक्त दूरी तय कर जरूरतों तक पहुंचेंगे।
बता दें कि भाडेर स्थित बिरोठी समीपवर्ती ओड़ा मार्ग से 30 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है, लेकिन बरसात में बहाव पर आने वाली नदी के बीच यह दूरी 10 किलोमीटर बढ़ जाती है और लोगों को ओगणा होकर बिरोठी जाना पड़ता है। नदी में चलने वाली 8 फीट पानी में जोखिम लेकर विद्यार्थी उस पार जाते हैं। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका नियमित खबरों के माध्यम से लोगों की इसी समस्या को लेकर बार-बार विभागीय जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करता रहा है।

अधरझूल में अटका निर्माण
बिरोठी गांव के बाहर बड़ा पुलिया है। इस पर विभाग स्तर पर रपट बनाने की तैयारी की गई। करीब एक साल पहले संवेदक बजट के अभाव में निर्माण कार्य छोड़कर चला गया। स्थानीय लोगों ने बड़ी पुलिया पर करीब 40 पाइप डालने की मांग की थी। इसके लिए स्वीकृत बजट से करीब १५ लाख रुपए अधिक लागत आ रही थी, लेकिन बजट के अभाव में विभाग ने इस कार्य के लिए स्वीकृति नहीं दी।

भेजा है तख्मीना
लोगों की मांग पर नदी में पुलिया निर्माण के लिए आवश्यक 40 पाइप के लिए तख्मीना बनाकर भिजवाया है। संवेदक ने बजट के अभाव में काम नहीं किया, जिसका उसे कोई भुगतान नहीं हुआ है।
युनूस पीरजायदा, सहायक अभियंता, झाड़ोल