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गांव की बहन-बेटियों और बहुओं के लिए इनके मन में जागे जज्बात, किसी भी मुसीबत और असुरक्षा में महिलाएं बता सकेंगी हालात

anuthi pahal महिला सुरक्षा पर संजीदा हुए ग्रामीण युवा, अंधेरे के साथ ही सक्रिय होंगे हेल्पलाइन नंबर, नोली गांव के युवाओं की सराहनीय पहल
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गांव की बहन-बेटियों और बहुओं के लिए इनके मन में जागे जज्बात, किसी भी मुसीबत और असुरक्षा में महिलाएं बता सकेंगी हालात

गांव की बहन-बेटियों और बहुओं के लिए इनके मन में जागे जज्बात, किसी भी मुसीबत और असुरक्षा में महिलाएं बता सकेंगी हालात

उदयपुर/ झल्लारा. anuthi pahal देशभर में बढ़ते महिला अत्याचार, अपराध, ज्यादती, बलात्कार जैसी घटनाओं से सीख लेते हुए स्थानीय नोली गांव के युवाओं ने सराहनीय पहल करते हुए गांव की बहू-बेटी की इज्जत को सुरक्षित रखने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए स्थानीय युवाओं ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। शाम का अंधेरा होते ही यानी शाम सात बजे बाद असुविधा और असुरक्षा महसूस करने वाली युवती व महिलाएं संबंधित हेल्पलाइन नंबर पर सूचित कर स्थानीय युवाओं की सुरक्षा ले सकेंगी। इतना ही नहीं युवाओं ने महिलाओं को जिम्मेदारी से उनके घर तक छोडऩे के लिए खुद के वाहनों की नि:शुल्क सुविधा देने के लिए जिम्मेदारी ली है। सलूम्बर तहसील के नोली, बड़ावली, बस्सी, खेराड़ गांव में नई पहल के साथ सहयोग की सक्रियता भी बढ़ गई है।
टीम के सदस्य हरीश सुथार ने बताया कि देश में बढ़ती दुर्घटनाओं के बीच क्षेत्र की महिलाओं को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाने का विचार आने के बाद उन्होंने स्थानीय युवाओं से इस बारे में चर्चा की। इस पर जिम्मेदार युवाओं ने सहयोग को हाथ बढ़ाया। सुथार की मानें तो शाम के समय क्षेत्र में यातायात वाहनों की कमी रहती है। रोजमर्रा में देर शाम घर लौटने वाली नौकरी पेशा महिलाओं को रात के अंधेरे में असुरक्षा का संकट गहराता है। उनकी इसी समस्याओं को ध्यान में रखकर जिम्मेदार 25 सदस्यों का समूह बनाया है।

ऐसे करेंगे सहयोग
बता दें कि हेल्पलाइन की सुविधा के तहत दुपहिया वाहन में फ्यूल खत्म होने, घर लौट रही महिला के वाहन का बीच रास्ते में खराब होने सहित असुरक्षित महसूस कर रही महिलाओं को 10 किलोमीटर के दायरे में तत्काल सहायता देकर उन्हें जिम्मेदारी से घर तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। सुथार की मानें तो इसके लिए एक वाट्सगु्रप भी बनाया जाएगा। इसमें युवाओं को जोड़ा जाएगा। साथ ही अग्रिम कार्ययोजना के तहत माताओं-बहनों को घर तक छोडऩे जाने वाले युवा का नाम भी गु्रप में साझा किया जाएगा। इसके अलावा ग्रुप के माध्यम से महिलाओं संबंधित जानकारी भी ग्रुप में साझा हो सकेगी। स्थानीय युवाओं ने इस पहल को लेकर सामाजिक संगठनों के अलावा पुलिस प्रशासन से सहयोग की अपील की है।

सूचना के साथ सक्रिय
सुथार की मानें तो अब तक खेराड़, बस्सी, नोली,बड़ावली सहित समीपवर्ती गांवों के दिलीप दर्जी, संजय नाथ, हितेश सुथार, रवि पंचाल, नरेंद्र, छत्रपालसिंह सहित 25 सदस्यीय टीम इस कार्य में सक्रिय है। शाम सात बजे बाद ये युवा जिम्मेदारी से उनकी जिम्मेदारी का निर्वाह करेंगे। फिलहाल 8 से 10 किलोमीटर क्षेत्र में सेवाएं शुरू की जाएगी। अन्य गांवों में भी जिम्मेदार युवाओं से संपर्क कर कार्य को अंजाम दिया जाएगा। anuthi pahal लोगों में जागरूकता लाने के प्रयास करेंगे।