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नकदी का हिसाब छोड़ यहां सड़कों पर प्रदर्शन करने लगे बैंक कर्मचारी

Bank employees union केंद्र सरकार की बैंक विलय नीति का विरोध जताया
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Bank employees stage protest against Centres decision in chennai

Bank employees stage protest against Centres decision in chennai

उदयपुर. Bank employees union यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनीयंस के आह्वान पर नगर के सभी बैंकों के समस्त कार्मिकों व अधिकारियों ने टाउन हाल स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के बाहर बैंकों के विलय वाली केंद्रीय नीति का विरोध जताया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर उन्होंने आक्रोश जताया और विलय के फरमान को वापस लेने की मांग की। बैंक के अधिकारी एवं संगठन पदाधिकारी डीके जैन, पीएस खींची, जीएल जोशी व बीएल अग्रवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में बैंक कार्मिकों का यह प्रदर्शन सड़क से गुजरने वाले पर्यटकों और शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बैंकों के आपसी विलय की घोषणा को तुरंत वापस लेने की मांग की। कहा कि इससे न देश का भला होगा न आम जनता का। इस नीति से केवल कॉरपोरेट जगत को ही फायदा होगा। वक्ताओं ने कहा कि जितने बड़े बैंक होंगे। उतना ज्यादा जोखिम होगा। छह बैंको के बंद होने से बैंकों की शाखाएं बन्द होंगी। आम जनता बैंकिंग सुविधाओं से धीरे धीरे वंचित होगी। वर्तमान में आवश्यकता बैंकों के विस्तार की है। न की इन्हें बंद करने की। फोरम संयोजक जैन ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों की वजह से देश पहले ही गंभीर आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। इस नीति से अधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। बैंकों के आपसी विलय से छह बैंक बंद हो जाएंगे। अनेकों शाखाएं बंद होंगी, जिससे कर्मचारियों के स्थानांतरण होंगे। छंटनी होगी ए जबरन सेवानिवृत्त किया जाएगा। Bank employees union रोजगार के अवसर समाप्त होंगे, जिससे बेरोजगारी बढ़ेगा जो वर्तमान मे पहले ही ही देश के सामने एक गंभीर समस्या के रूप में खड़ी है।