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यहां भरत के राजतिलक में आए रामजी, राजनेता रहे दूर…

- शीघ्र आएगा एडवोकेट प्रोटक्शन बिल
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यहां भरत के राजतिलक में आए रामजी, राजनेता रहे दूर

मोहम्मद इलियास/उदयपुर. बार एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में पहली बार ऐसा हुआ किसी भी जनप्रतिनिधी को नहीं बुलाया गया। अतिथियों में इस बार हाईकोर्ट के न्यायाधीश विनित कुमार माथुर व सेवानिवृत न्यायाधीश रामचन्द्रसिंह झाला के अलावा बार कौन्सिल के चेयरमैन सुशील कुमार शर्मा शािमल हुए। न्यायाधीशों ने अधिवक्ताओं व न्यायिक अधिकारियों को आमजन को सस्ता सुलभ न्याय देने की बात कहीं तो शर्मा ने सरकार द्वारा एडवोकेट प्रोटक्शन बिल व विभिन्न मांगों के जनघोषणा पत्र को राज्य सरकार द्वारा सरकारी दस्तावेज के रुप में मान्यता के बारे में जानकारी दी।
समारोह में मुख्य अतिथियों के अलावा बार कौन्सिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली के सदस्य सुरेशचन्द्र, राजस्थान के सदस्य राव रतन सिंह, जिला एवं सेशन न्यायाधीश रवीेन्द्र कुमार माहेश्वरी भी मंचासीन थे। सभी अतिथियों का बार एसोसिशन ने स्वागत किया। निवर्तमान अध्यक्ष रामकृपा शर्मा ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष भरत वैष्णव को शपथ दिलाई। भरत वैष्णव अपने नवनिर्वाचित कार्याकारिणी व सहवृत सदस्य को शपथ दिलाई। शपथ लेने वालों में उपाध्यक्ष गजेन्द्र नाहर,महासचिव लोकेश मेनारिया, सचिव ललित मेनारिया, वित्त सचिव मनन शर्मा,पुस्तकालय सचिव मनीष आमेटा व सहवृत सदस्य प्रमोदिनी बक्षी,फतहसिंह राठौड़,दुर्गेश श्रीमाली,अब्दुल अलीम खां,बजरंग प्रसाद शर्मा,विक्रम सिंह शक्तावत,नवीन वसीटा शामिल थे। कार्यक्रम में संभाग भर के बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व अधिवक्ता शामिल थे।

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चेम्बर का शीघ्र भेजो प्लान

हाईकोर्ट न्यायाधीश विनित कुमार माथुर ने कहा कि उदयपुर के बार के बारे में जो सुना था वो कम था। इस ऐतिहासिक बार का मुखिया होने के नाते मैं यह विश्वास से कह सकता हूं कि उदयपुर की एसोसिएशन का एजेन्डा पूरा होगा। उन्होंने कहा कि बार बार को यहां अधिवक्ताओं के लिए नए चेम्बर की आवश्यकता है। उन्होंने डीजे से तुरंत हाईकोर्ट में प्लान बनाकर भेजने के लिए कहा। उन्होंने विश्वास दिलाता हुए कहा कि वे स्वयं बिल्डिंग कमेटी का चेयरमैन है, उनके समक्ष प्लान आते ही हाईकोर्ट व सरकार स्तर पर हर संभव प्रयास करेंगे।

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एडवोकेट प्रोटक्शन बिल पर काम शुरु

बार कौन्सिल के चेयरमैन सुशील शर्मा ने बताया कि बार राजस्थान सरकार की पहली केबिनेट में जनघोषणा पत्र को सरकारी दस्तावेज के रुप में मान्यता दी गई है। उसमें अधिवक्ताओं के भी सारे मांगपत्र शामिल है। इनमें बार कौन्सिल ऑफ राजस्थान ने अधिवक्ताओं के चेम्बर, हाउसिंग स्कीम,वेलफेयर फंड में अनुदान व नए अधिवक्ताओं के स्थाई फंड को शाामिल किया है। अब सरकार को इसे लागू करना है। इसके अलावा सरकार द्वारा एडवोकेट प्रोटक्शन बिल लाया जा रहा है। इसे बार कौन्सिल ने बनाना शुरू कर दिया है।

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न्याय दिलाना आपकी जिम्मेदारी

हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश रामचन्द्र सिंह झाला ने कहा कि यहां की बार एसोसिएशन लम्बे समय से हाईकोर्ट बैंच की मांग कर रही है। उसका आधार यहीं है कि यहां की जनता गरीब है, उनके पास पैसा नहीं है , इस गरीब जनता को सस्ता व सुलभ न्याय दिलाने की जिम्मेदारी आपकी है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि भरत का राजतिलक हो रहा है तो रामजी उपस्थित न हो ऐसा थोड़ा नहीं हो सकता।

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वकीलों का संरक्षक मंडल गठित

बार अध्यक्ष भरत वैष्णव ने अधिवक्ताओं का संरक्षक मंडल गठित किया। इनमें वरिष्ठ अधिवक्ता शंभूसिंह राठौड़, जयकृष्ण दवे,रमेश नन्दवाना,अरूण व्यास, राव रतन सिंह, कन्हैयालाल चोर्डिया, गोपालदास सनाढ्य, गौतम सिरोया, भीमराज डांगी, त्रिभुवन नाथ पुरोहित, सम्पत लाल बोहरा, प्रमोदनी बक्षी, मोहम्मद शरीफ छीपा,कमर हुसैन,प्रवीण खंडेलवाल को मनोनीत किया। इसके साथ ही लीगल सेल का गठन किया गया जिसमें चक्रवती सिंह राव अक्षय शर्मा व जयप्रकाश आमेटा शामिल किया गया।