28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

video: मिलिए इस धांसू बाइक राइडर से , कश्‍मीर से कन्‍याकुमारी की यात्रा कर देश को समझा रहीं बेटियों की अहमियत

बेटियों की अहमियत समझाने निकल पड़ीं बाइक से, कश्मीर से कन्याकुमारी की यात्रा पर निकली मोक्षा से एक मुलाकात

2 min read
Google source verification
moksha jaitley

उदयपुर . हौसले बुलंद हो तो उम्र कहीं आड़े नहीं आती। कुछ ऐसी ही बात सिद्ध की है पंजाब मूल की मनाली निवासी 55 वर्षीया मोक्षा जेटली ने जिनका
नाम इंटरनेशनल ट्यूर कंपनियों के लिए नया नहीं रहा। बाइक पर कश्मीर से कन्याकुमारी तक की यात्रा करने निकली मोक्षा शनिवार को उदयपुर पहुंची। वे कल सुबह बड़ौदा के लिए प्रस्थान करेंगी। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मकसद आमजन को बेटियों की अहमियत बताना मात्र है। आगे वे कहती हैं 'मैं सिंगल मदर हूं। मेरी एक बिटिया है जो मनाली में पढ़ रही है। 2 अक्टूबर को ही उसके जन्मदिन पर मनाली से आगाज कर कुल 4500 किलोमीटर की इस यात्रा को 18 अक्टूबर तक त्रिचूर में पूरा करूंगी। मोक्षा का मानना है कि महिलाओं का परिवार और समाज में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी एक अहम कड़ी के कारण दुनिया भर में उसे शक्ति की देवी के रूप में देखा जाता है। एेसे में औरत को 'अबलाÓ मानने की सोच बदलनी होगी। इसके अलावा समाज में व्याप्त कुरीतियां, आडम्बर, अशिक्षा, धर्मभीरूता, स्त्री-पुरुष समानता और यातायात नियमों पर भी हर जगह सार्थक चर्चाएं करना मेरी यात्रा का हिस्सा है।

READ MORE: #saveayad उदयपुर में छिड़ी नदी बचाने की मुहिम, इस जीवनदायिनी नदी को बचाने के लिए जुटा प्रशासन, अब बदलने लगी सूरत, video

इन यात्राओं से होने वाले खर्च के बारे में वे कहती हैं कि हर जगह प्रायोजक इससे होने वाले लाभ के बारे में पूछते हैं। मेरा मानना यह है कि हमें कुछ मिले, यह जरूरी नहीं। असल में जिस समाज ने हमें इतना कुछ दिया है, उसमें से कुछ समाज और इंसानियत के लिए भी खर्च करें। मुझे खुशी है कि मेरे मिशन पर 2008 में हाइकोन इंडिया ने मुझे प्रायोजित किया। बाइक से इस यात्रा में यावो मोबाइल एप्प का बड़ा सहयोग मिला। इसी तरह महिन्द्रा के नन्हीं कली नामक एनजीओ के जरिए मिले फंड से सौ लड़कियों की शिक्षा का खर्चा पूरा होगा।

बेहतर जीवन शैली का है सपना

भविष्य में वे एक बैटर सोसायटी चाहती हैं, जो स्वार्थ से ऊपर उठकर काम करे। कमोबेश आज हर व्यक्ति पारिवारिक और सामाजिक कर्तव्यों से विमुख नजर आता है। इसी तरह, देश के अधिकांश हिस्सों में लोग ट्रेफिक रूल्स के प्रति बेहद लापरवाह नजर आते हैं ये बहुत गंभीर बात है।

बड़ी खबरें

View All

उदयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग