
कानोड़/उदयपुर। पूरे देश में जहां आज गणेश चतुर्थी का उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है वहीं उदयपुर जिले के कानोड़ कस्बे के निकट सारंगपुरा (कानोड़) के एक परिवार में खूनी संघर्ष देखने को मिला। यहां एक ही परिवार आपस में भीडकऱ लहूलुहान हो गया। जो भी इस घटना का प्रत्यक्षदर्शी बना उसके रोंगटे खड़े हो गए। ग्रामीण छुड़ाने दोड़े तब तक सभी लुलूहान हो चुके थे। इस पुरे घटनाक्रम में चार लोग घायल हुए जिसमें से रामेश्वरलाल व सवराम को उदयपुर एमबी चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया। दोनों ही पक्षो में मकान का छज्जा रास्ते पर निकालने को लेकर विवाद हुआ।
सूचना मिलते ही घटना स्थल पर पहुंचे थानाधिकारी गज सिंह सिसोदिया ने बताया कि प्रात: 10.30 बजे सुचना मिली की दो पक्षो में खुनी संघर्ष हुआ है जिसके बाद पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर पहुंची तो दूसरी टीम चिकित्सालय पहुंची जहां चिकित्सको की टीम द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद एक के बाद एक दो घायलो को उदयपुर रेफर करना पड़ा।
इस घटनाक्रम में घायल रामेश्वरलाल जाट पुत्र सवराम जाट उम्र 45 उसके पिता सवराम पुत्र प्रताप जाट उम्र 70 व दूसरे पक्ष के पोखरलाल पुत्र प्यारा जाट उम्र 42 व चुन्नीलाल पुत्र प्यारा जाट उम्र 55 घायल हो गए । घायल रामेश्वरलाल की हालत नाजुक होने पर उदयपुर रेफर कर दिया गया कुछ देर बाद पिता सवराम को भी उदयपुर भेजा गया। पुलिस ने दोनो पक्षो की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
एक पक्ष के जगदीश पुत्र रामेश्वर जाट ने रिपोर्ट देकर पोखरलाल पुत्र प्यारा, चुन्नीलाल पुत्र प्यारा , भुरालाल पुत्र नारायण जाट निवासी सारंगपुरा , भोलीराम पुत्र प्यारा निवासी जीया खेड़ी के खिलाफ रास्ते में राककर मारपीट करने का मामला दर्ज करवाया वही दुसरे पक्ष के पोखरलाल जाट ने रिपोर्ट देकर रामेश्वर लाल, जगदीश, सवराम,छोगालाल , गंगा पत्नि रामेश्वर , डालीबाई पत्नि छोगालाल के खिलाफ मकान का छज्जा बाहर निकालने पर टोकने पर सरिये व लाठी सहित धारदार हथियार से हमला करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया है।
थानाधिकारी सिंह ने बताया कि दोनो ही पक्षो द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार धारा 302, 341, 323 ,147, के तहत जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज कर अनुसंधान जारी है। जानकारी के अनुसार रामेश्वर अपनी जमीन में नया मकान बनवा रहा था जिस मकान के पास होकर पोखर जाट के खेत पर जाने का रास्ता है , रास्ते पर छज्जा निकालने को लेकर दोनों में विवाद हो गया। ग्रामीण समझाते उससे पहले ही दोनो पक्ष भीड़ गए। दोनों ही पक्ष एक ही परिवार के भाई-भाई है। मामले के बाद गांव में दिन भर सन्नाटा पसरा रहा, वही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिन भर पुलिस दल गांव में मौजूद रहकर परिवार के अन्य सदस्यो पर कड़ी निगाह रखी ।
Published on:
13 Sept 2018 05:23 pm
