
प्रमुख समाजसेवी ज्ञानचंद रांका के देहदान के संकल्प को उनके परिवार ने पूरा किया। वहीं उनसे प्रेरित होकर परिवार के सदस्यों ने भी मृत्यु उपरांत देहदान करने का संकल्प लिया। 83 वर्ष की उम्र में रांका ने देहदान का निर्णय लिया था।
मंगलवार को उनके निधन के बाद यहां आरएनटी मेडिकल कॉलेज में परिवार ने उनका देहदान किया। इस दौरान उनकी पत्नी प्रेमलता रांका और राजकीय सेवारत तीन पुत्रियां डॉ.अर्चना रांका (सांख्यिकी निदेशक), कल्पना रांका (सहायक लेखाधिकारी) व डॉ. वंदना (निजी सहायक) ने भी देहदान का संकल्प लिया।
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ससुर से प्रेरणा लेते हुए दामाद प्रोफेसर अजय कुमार चौधरी, दिनकर खमेसरा व संदीप बोल्या तथा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जोधपुर में अध्ययनरत दोहित्री चार्मी खमेसरा ने भी देहदान का संकल्प लेते हुए समाज में देहदान की अलख जगाने का निश्चय किया। देहदान के दौरान एनाटॉमी विभाग की अध्यक्ष डॉ.परवीन ओझा ने ज्ञानचंद रांका की पत्नी प्रेमलता रांका को देहदान का प्रमाण पत्र पत्र प्रदान दिया।
Published on:
16 Nov 2023 09:47 am
