
उदयपुर। पर्यटन की दृष्टि से प्रसिद्ध उदयपुर में आवागमन की सुविधाएं भी विकसित होती जा रही है। जल्द ही हमारा शहर ब्रॉडगेज लाइन से मारवाड़ से जुड़ेगा। ऐसे में उदयपुर में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ ही मेवाड़ और मारवाड़ के लोगों को आवागमन में भी सुविधा मिलेगी।
रेल मंत्रालय ने दो चरणों में होने वाले काम के तहत कुछ दिनों पूर्व पहले चरण नाथद्वारा से देवगढ़ मंडारिया तक 82.52 किलोमीटर ब्रॉडगेज लाइन के लिए 968.92 करोड़ जारी किए हैं। वहीं इसके दूसरे चरण का काम देवगढ़ मंडारिया से मारवाड़ जंक्शन तक होगा।
मावली-मारवाड़ गेज परिवर्तन के साथ ही उदयपुर और जोधपुर दोनों संभाग मुख्यालय आपस में जुड़ जाएंगे। मावली से मारवाड़ 152 किलोमीटर की दूरी है। इसमें मावली से नाथद्वारा तक करीब 20 किमी ब्रॉडगेज लाइन है। नाथद्वारा से देवगढ़ मंदारिया तक 82.52 किलोमीटर का ट्रैक पूरा होने के बाद करीब 50 किलोमीटर का ट्रैक का काम बचेगा। ऐसे में कुछ ही वर्ष में इस ट्रैक पर भी ब्रॉडगेज लाइन शुरू होने की संभावना है।
1597.12 करोड़ से होगा गेज कन्वर्जन
बजट घोषणा में मावली-मारवाड़ रेललाइन 152 किमी मीटर गेज परिवर्तन के लिए 1597.12 करोड की घोषणा की गई है। इससे अब उदयपुर से मावली होते हुए जोधपुर के लिए सीधी ट्रेन संचालित करने का रास्ता खुल जाएगा। साथ ही मध्य प्रदेश की ओर से कनेक्टिविटी का रास्ता भी खुलेगा। वर्तमान में जोधपुर से उदयपुर के लिए वाया अजमेर होकर जाना पड़ता है।
लोगों को यह होगा लाभ
इस रेलखंड का गेज कन्वर्जन होने के बाद जोधपुर से उदयपुर के लिए सीधी ट्रेन कनेक्टिविटी होगी। जोधपुर में हाईकोर्ट होने से मेवाड़ के कई लोगों को आए दिन वहां जाना पड़ता है। इसके साथ ही मारवाड़ में मेवाड़ और मेवाड़ में मारवाड़ के लोग रोजगार, व्यवसाय, रिश्तेदारी आदि के कारणों से भी आवागमन करते हैं। उन्हें भी लाभ होगा।
पहले चरण में यह होगा व्यय
769.83 सिविल
48.66 एस एंड टी
25.46 विद्युतीकरण-जी
123.54विद्युतीकरण-पीआरडी
1.43 मैकेनिकल (राशि करोड़ रुपए में)
पर्यटन की दृष्टि से मिलेगा लाभ
उदयपुर से जोधपुर रेल सेवा होती है तो निश्चित ही उदयपुर को पर्यटन की दृष्टि से बहुत लाभ मिलेगा क्योंकि बंगाली पर्यटक, जो कि ग्रुप में आते हैं, वे ज्यादातर रेल से आते हैं। वर्तमान में उन्हें जोधपुर तक की कनेक्टिविटी मिलने से वहां आकर अन्य जगहों पर घूमने जाते हैं। ब्रॉडगेज लाइन से उदयपुर-जोधपुर जुड़ता है तो बंगाली पर्यटकों के साथ पूर्वी राज्यों के पर्यटक भी उदयपुर आ सकेंगे। इससे प्रतिवर्ष 50 हजार से अधिक पर्यटकों के बढ़ने की संभावना है।
राकेश चौधरी, सचिव, होटल संस्थान दक्षिणी राजस्थान
Published on:
03 Feb 2023 07:05 pm
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