
उदयपुर . ‘बदलाव तो सृष्टि का नियम है। जगत की कोई विधा इससे परे नहीं है। हर दौर में समय के साथ संगीत में भी बदलाव आना स्वाभाविक है। लेकिन, अपनी विरासत और भारतीय संस्कृति के अनुरूप हो तब तक ठीक है। जहां बदलाव के नाम पर अति और फूहड़पन नजर आए वह कतई स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।’ यह विचार ख्यात पाŸवगायक सुरेश वाडेकर ने शुक्रवार को पत्रिका से विशेष बातचीत के दौरान अभिव्यक्त किए। वे सृजन द स्पार्क संस्था द्वारा शनिवार को आयोजित होने वाले कार्यक्रम का हिस्सा बनने एक दिन पूर्व अपनी पत्नी पद्मा व बेटी जिया के साथ लेकसिटी पहुंचे।
बीसियों बरस प्रेमरोग, दिल, सदमा, हिना, माचिस, लेकिन, चांदनी, ईमानदार, परिंदा, लम्हे, बोल राधा बोल और ओमकारा जैसी फिल्मों में अपनी आवाज का जादू जगाकर अनेक दिलों की धडकऩ बने सुरेश वाडेकर ने साल 2014 में हैदर में गाने गाए। उसके बाद की खामोशी के बारे में पूछे जाने पर वे कहते हैं ‘नए जमाने के उदीयमान कलाकारों का दौर है ऐसे में हर कोई फ्रेश वॉइस चाहेगा, यह तो लाजमी है। लेकिन गाना बंद नहीं किया है। आज भी गजलों और भजनों की रिकॉर्डिंग जारी है। अलबत्ता, कोई गीतकार-संगीतकार चाहेगा तो जरूर गाऊंगा।’
लताजी के साथ 13 एलबम रिकॉर्ड किए- मयूरेश पाई
इस अवसर पर सुरेश वाडेकर के शिष्य मयूरेश पाई ने बताया कि उन्होंने पिछले 15 सालों में उन्होंने सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर के साथ 13 एलबम रिकॉर्ड किए हैं। पहले एलबम के रूप में वर्ष 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं के संग्रह ‘अन्तनाद’ को लता मंगेशकर की आवाज में रिकॉर्ड किया किया था। उसके बाद मेरे साईं, सादगी, उम्मीद, आपकी दिल्लगी, हनुमान चालीसा, सरहदें, भक्तामर, सुरध्वनि और तुलसीदास की रचनाएं जैसे एलबम बनाए। वे कहते हैं गायकी के क्षेत्र में लताजी के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं जो एक विश्व रिकॉर्ड है। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनमें संगीत के प्रति जो जज्बा है वो अन्यत्र कहीं नहीं मिलता।
जश्न-ए-परवाज कार्यक्रम आज
कार्यक्रम संयोजक राजेश खमेसरा ने बताया कि सृजन द स्पार्क संस्था द्वारा हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से ‘जश्न-ए-परवाज’ कार्यक्रम लोककला मंडल के मुक्ताकाशी मंच पर शाम 7.30 बजे आयोजित होगा। इस मौके पर शहर के सुर रसिक ख्यात गायक सुरेश वाडेकर सहित राजस्थान के दो उदीयमान कलाकार जावेद हुसैन व आर्यन माथुर की संगीत प्रस्तुतियां का आनंद उठा सकेंगे।
अध्यक्ष लोकेश चौधरी ने बताया कि देश के ख्यात संगीतकार आनन्दजी को इस वर्ष के हिन्दुस्तान जिंक सृजन पुरस्कार से नवाजा जाएगा। उनके अलावा साहित्य, पत्रकारिता, संगीत एवं कला के क्षेत्र में अमूल्य योगदान के लिए नई दिल्ली के प्रसिद्ध सरोदवादक एवं असिस्टेंट डायरेक्टर, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आकाशदीप व ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एसोसिएशन के संयुक्त सचिव सेम्पसन डेविड, जयपुर के वरिष्ठ पत्रकार ईशमधु तलवार, इंदौर से सामजिक कार्यकर्ता विजय मेहता तथा उदयपुर के किरणमल सावनसुखा सम्मानित किए जाएंगे।
Updated on:
06 Oct 2017 08:24 pm
Published on:
06 Oct 2017 08:21 pm
बड़ी खबरें
View Allउदयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
