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40 दिन की तपस्या के बाद चालीहा महोत्सव का समापन

उदयपुर

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Newsdesk

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Aug 26, 2026

Rajasthan

Bपूजा-अर्चना, सत्संग और कीर्तन में उमड़ा सिंधी समाज, जयकारों से गूंजा जलधरा घाटB
Bराजसमंद.B सिंधी समाज के प्रमुख धार्मिक पर्व चालीहा महोत्सव का 40 दिनों की तपस्या और आराधना के बाद द्वारकाधीश मंदिर, जलधरा घाट पर भव्य आयोजन के साथ श्रद्धा और हर्षोल्लास से समापन हुआ। सिंधी समाज सेवा समिति, राजसमंद के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में समाजबंधुओं ने सपरिवार भाग लेकर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। श्रद्धालुओं ने भगवान झूलेलाल और वरुणदेव की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि एवं समाज की खुशहाली की कामना की। इस दौरान पूजा, सत्संग और कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालु भक्ति में भाव-विभोर नजर आए। इसके बाद विधि-विधान और श्रद्धा के साथ बहिराणा साहिब का विसर्जन किया गया। समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान ‘जय झूलेलाल’, ‘जय वरुणदेव’ और ‘जय श्री द्वारकाधीश’ के जयकारों से जलधरा घाट का वातावरण भक्तिमय बना रहा। समिति पदाधिकारियों ने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी समाजबंधुओं एवं श्रद्धालुओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि चालीहा महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ समाज को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पर्व है।

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