
(फोटो-पत्रिका)
पंकज वैष्णव/ उदयपुर। राजस्थान में बिजली निगमों की ओर से तय प्रक्रिया में बिजली उपभोग पर प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज राशि वसूली जाती है, जो कोयले की दरों के आधार पर लिया जाता है। मई के बिजली खर्च की गणना में फ्यूल सरचार्ज की दर मात्र 15.88 पैसा/यूनिट आंकी गई है, जबकि, बिजली निगम प्रदेशभर के बिजली उपभोक्ताओं से 28 पैसा/यूनिट बेस फ्यूल सरचार्ज वसूल कर चुके हैं। ऐसे में बिजली निगमों को अगस्त के बिलों में 124.47 करोड़ समायोजित करने होंगे।
राजस्थान विद्युत नियामक आयोग के आदेशानुसार किसी भी माह का फ्यूल सरचार्ज अगले तीन माह में ही वसूलना जरूरी है। इसके बाद राशि बिलों में नहीं जोड़ी जा सकेगी। प्रदेश के तीनों डिस्कॉम (जयपुर, जोधपुर, अजमेर) के अधीन बिजली उपभोक्ताओं पर मई में खर्च बिजली पर 28 पैसा/यूनिट फ्यूल सरचार्ज लगा दिया गया, जबकि इसकी गणना सामने आने पर राशि 15.88 पैसा/यूनिट ही बन रही है।
ऐसे में बिलों में ज्यादा जोड़ी गई 12.12 पैसा/यूनिट राशि समायोजन योग्य है। प्रदेश में मई में 1027 करोड़ 19 लाख 39 हजार 762 यूनिट बिजली खर्च हुई। इसके मुताबिक 124.47 करोड़ राशि निगमों में ज्यादा जमा हो गई, जो अगस्त के बिलों में समायोजित करनी होगी।
डिस्कॉम्स के आदेशानुसार अगस्त में वसूली के लिए विद्युत उपभोक्ताओं पर 2.05 प्रतिशत ईंधन अधिभार वसूली योग्य माना है। इस माह में 28 पैसे प्रति यूनिट की दर से आधार ईंधन अधिभार वसूल कर लिया गया है। मई में अधिक वसूली गई राशि को तत्काल उपभोक्ताओं को वापस भुगतान या समायोजन किया जाना चाहिए। इस वर्ष में अग्रिम वसूली पर रोक लगानी चाहिए।
इंजि. वाई.के. बोलिया, रिटायर्ड एसइ व ऊर्जा सलाहकार
Updated on:
30 Jul 2025 02:32 pm
Published on:
30 Jul 2025 02:32 pm
