
स्वच्छ व मीठे पानी का संकेतक है कॉमन पोचार्ड
मेनार . बर्ड विलेज मेनार के धण्ड तालाब एवं ब्रह्मसागर में कॉमन पोचार्ड की संख्या बड़ी तादाद में देखे जा सकते हैं। ये प्रवासी पक्षी सर्दी के मौसम में भारत में प्रवास करने आते हैं। यह एक मध्यम आकार की डुबकी मारने वाली बतख है। बड़े समूह में उड़ानभरकर यहां आते है। इनके समूह खासतौर पर टफ्टिड डक के साथ देखे जा सकते हैं। टफ्टिड डक के साथ इनका तालमेल अच्छा होता है। अनेक जगह इसे लाल सिर पक्षी भी कहते हैं। इसे आसानी से मेनार के जलाशयों पर देखा जा सकता है।
विशेषता : किसी तालाब में यदि कॉमन पोचार्ड पक्षी की संख्या अन्य पक्षियों के मुकाबले ज्यादा है तो ये संकेतक है कि उस तालाब का पानी मीठा है। क्योंकि ये पक्षी स्वच्छ, मीठे और गहरे पानी में रहना पसंद करता है। इसके अवरोध में कोई वनस्पति ना हो, वहां ये पाया जाता है ताकि आसानी से डुबकी मारकर मछली का शिकार कर सके।
खासियत : पक्षीविद् विनय दवे और प्रदीप सुखवाल ने बताया कि वयस्क नर कॉमन पोचार्ड की चोंच लंबी व गहरे रंग की होती है। मादा पक्षी का रंग नर से अलग होता है। ये ज्यादातर समय गहरे पानी में रहना पसंद करते हैं। जब इन्हें कोई डर होता है तो ये तेजी से पानी पर दौड़ कर उड़ान भरते हैं। जब ये भोजन के लिए पानी में डुबकी लगाते हैं तो ज्यादा गहराई तक पानी में चले जाते हैं। मुख्य भोजन जलीय वनस्पति, छोटे जलीय कीट और छोटी मछली होती है। ये ज्यादातर समय दिन में ही खाना खाते हैं। इन पक्षियों के प्रजनन का समय अप्रेल-मई में होता है। इस दौरान ये अपने प्रवास से वापस प्रजनन क्षेत्रों में लौट जाते हैं। प्रजनन मुख्यत: पश्चिमी यूरोप, मध्य एशिया व दक्षिण-मध्य साइबेरिया में होता है।
Published on:
04 Jan 2020 02:27 am
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