
बसों में रियायत कम, भ्रम ज्यादा ! नॉन टीएसपी एरिये में नहीं मिलेगा छूट का लाभ
ध्ाीरेंद्र जोशी/ उदयपुर . रोडवेज बसों में जनजाति वर्ग की छूट की योजना लंबे समय से चल रही है, लेकिन इसका लाभ परिवहन निगम की ओर से निर्धारित क्षेत्रों में ही मिलेगा। जनजाति क्षेत्रों से बाहर जाने पर योजना का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे में एक ही जिले में किसी स्थान पर छूट का लाभ मिल रहा है तो किसी जगह नहीं मिल रहा। कुल मिलाकर योजना में लाभ कम और भ्रम ज्यादा है।
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के कार्यकारी प्रबंधक जनसम्पर्क ने 21 अगस्त को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनजाति क्षेत्रों डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, चित्तौडगढ़़, सिरोही, आबूरोड एवं फालना आगारों की ओर से संचालित साधारण बस सेवाओं में जनजाति वर्ग के यात्रियों को 25 प्रतिशत रियायत देने की बात कही थी, लेकिन इसका लाभ को लेने में कई पेच है। निगम ने टिकट मशीनों में छूट का प्रावधान कर रखा है, लेकिन यह छूट जनजाति क्षेत्र में ही मिल रही है। उदाहरण के लिए झाड़ोल का यात्री उदयपुर के लिए टिकट लेता है। ऐसे में 45 रुपए के स्थान पर 35 रुपए लगते हैं, लेकिन वही यात्री उदयपुर से झाड़ोल के लिए टिकट लेता है तो उसे पूरी राशि यानि 45 रुपए का ही टिकट लेना होगा क्योंकि उदयपुर नॉन टीएसपी क्षेत्र में आता है।
लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज
छूट का लाभ लेने के लिए चुनाव आयोग का फोटो पहचान पत्र, बीपीएल कार्ड, राशन कार्ड, सक्षम अधिकारी की ओर से जारी जाति प्रमाण-पत्र में से कोई एक प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।
इसलिए नहीं चली योजना
रोडवेज सूत्रों के अनुसार यह योजना करीब छह वर्ष से चल रही है। लेकिन इसमें टीएसपी क्षेत्र और नॉन टीएसपी क्षेत्र के फेर में यात्री उलझ जाते हैं। ऐसे में योजना सफल नहीं हो पाई।
Published on:
24 Aug 2018 03:19 pm
