
नाबालिगों को थमाई गाड़ी तो मां-बाप को होगी जेल ,पुलिस सीधे दर्ज करेगी मुकदमा ...एसपी ने जारी किए जिला पुलिस को आदेश
मो.इलियास/उदयपुर. सावधान! अब कोई भी परिजन या मां-बाप अपने नाबालिग लाड़ले को गाड़ी थमाएंगे तो उन्हें जेल की हवा खानी पड़ सकती है। जिला पुलिस अधीक्षक ने आदेश जारी कर पूरे जिले में अभियान चलाया है। एसपी का कहना है कि अभियान के तहत दो दिन नाबालिग के मां-बाप को बुलाकर समझाइश की जा रही है। इसके बाद भी कोई नाबालिग बिना लाइसेंस गाड़ी सहित पकड़ में आता है तो सीधा मां-बाप के खिलाफ बच्चों की जान को जोखिम में डालने बाल संरक्षण अधिनियम में मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस की ओर से दर्ज इन मुकदमों में परिजनों को कोर्ट कचहरी के अलावा जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। इससे पूर्व एसपी ने छात्रसंघ चुनाव में प्रत्याशी व समर्थकों को कॉलेज परिसर के बाहर सडक़ों पर पोस्टर बैनर पर पाबंदी लगाई थी। इसके बावजूद एक प्रत्याशी की ओर से भूपालपुरा व प्रतापनगर क्षेत्र में बैनर लगाने पर पुलिस ने सार्वजनिक सम्पत्ति के विरुपन का अलग से दो मामले दर्ज किए थे। इस सख्ती से छात्रों ने कॉलेज तक सीमित हुए। अब पुलिस नाबालिगों को गाड़ी थमाने पर मां-बाप के खिलाफ भी यही सख्ती अपनाएंगी। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने गत दिनों बुराइयां छोड़ो उदयपुर अभियान के तहत नाबालिगों को स्टेयरिंग नहीं थमाने संबंधी अभियान चलाकर स्कूलों में प्रचार प्रसार भी किया था।
नाबालिगों के हाथों में ही स्टेयरिंग
शहर में सडक़ों पर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के अलावा स्कूलों में भी 9 से 12 वीं तक के छात्र स्वयं के वाहन लेकर स्कूल जा रहे हैं। इन छात्रों को न तो स्कूल में कोई रोकने-टोकने वाला है, ना ही घर पर परिवार वालों को परवाह। परिजन बकायदा उन्हें पेट्रोल का पैसा देकर गाडिय़ां भी थमाते हैं। कुछ स्कूलों में तो ऐसे हालत हैं कि 10 से 12वीं तक के बच्चों के पास महंगी बाइक है। सुबह स्कूल जाने के दौरान वे उन्हें तेज गति से भगाते हैं तो छुट्टी के समय साथियों के साथ रेस करते हुए जान जोखिम में डालते हैं।
नाबालिग को गाड़ी थमाने पर पहले मां-बाप को समझाइश की जा रही है। पहली बार में चालान काटकर उन्हें हिदायत के साथ समझाइश का दौर चल रहा है। इसके बाद अब सीधा मां-बाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
कुंवर राष्ट्रदीप, पुलिस अधीक्षक
Published on:
30 Aug 2018 06:30 pm
