
court Decision in tampering case
उदयपुर. सेमारी थाना क्षेत्र के टोकर गांव में दो वर्षीय पुत्र की हत्या करने वाले को अपर जिला सेशन न्यायालय, सलूम्बर के न्यायाधीश राकेश रामावत ने दोषी करार देते हुए अभियुक्त को आजीवन कारावास एवं 30 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
अपर लोक अभियोजन नाहर सिंह चुंडावत ने बताया कि टोकर गांव की सोम कागदर गुडा माइनर में 2 वर्षीय बालक का शव मिलने पर सेमारी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी हरीश पुत्र शंकरलाल मीणा निवासी भौराई को अपने पुत्र की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। प्रकरण की सुनवाई में लोक अभियोजक ने 20 गवाह और 28 साक्ष्य दस्तावेज न्यायालय में पेश किए। अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने बुधवार को अपने फैसले में आरोपी हरिश पुत्र शंकर मीणा को अपने पुत्र हिम्मत की हत्या का दोषी मानते हुए आईपीसी की धारा 302 में आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपए जुर्माने तथा धारा 201 में 7 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
दूसरी शादी के लिए दी बेटे की जान
बयानों के अनुसार करीब तीन साल पूर्व सोम कागदर गुडा माइनर में मिले शव की पहचान तुलसी पत्नी हरीश मीणा ने अपने पुत्र हिम्मत के रूप में की थी। तुलसी ने न्यायालय में बताया कि शादी से पूर्व माता पिता के साथ गुजरात के पालनपुर में मजदूरी के लिए गई थी, जहां हरीश मीणा से मेरी जान-पहचान हो गई। बाद में हम दोनों ने प्रेम विवाह किया। मेरे ससुराल के लोगों ने मुझे एक गौत्र का होने से अपने साथ नहीं रहने दिया। इस पर मैं अपनी नानी के घर ऋ षभदेव रहने लगी, जहां एक पुत्र को जन्म दिया। मेरे पति हरीश ने दूसरी शादी करने के लिए मेरे पुत्र की हत्या कर शव को नहर में फेंक
दिया तथा हत्या के सबूत मिटाने का प्रयास किया।
Published on:
01 Nov 2018 03:23 pm
