
Drinking water crisis
गौतम पटेल/सराड़ा . भीषण गर्मी से ग्रामीण क्षेत्र में पानी की एक एक बूंद के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा हैं। पेयजल के लिए राज्य सरकार कई योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रूपये खर्च कर हर व्यक्ति को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास करती है लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते योजनाओं का लाभ आम जनता को नहीं मिल पाता है।
पानी की समस्या का आलम यह है कि मई के शुरूआत में ही पेयजल की समस्या हर गली मोहल्ले में नजर आने लगी है।
परम्परागत जल स्रोत दम तोड़ रहे हैं तो कुएं बावड़ियों का पानी पाताल में जा चुका है। ऐसी स्थिति में लोगों की उम्मीद सरकार की बडी योजना व हैंडपंपों पर टीकी है। उदयपुर जिले के सराड़ा उपखण्ड क्षैत्र में सरकार ने करीब 4746 हैंडपंप लगवाएं हैं लेकिन उनमें से सैंकड़ों खराब पड़े हुए हैं। विभाग के पास केवल 15 मिस्त्री ही है और पूरे क्षैत्र में करीब 250 गांवों में 4746 हैंडपंप है। ऐसी स्थिति में लोगों को हैंडपंप का पानी कैसे नसीब होगा।
क्षेत्र में दो बड़ी परियोजना
वर्ष 2000 में जयसंमद पेयजय योजना पर करीब 18 करोड रूपये खर्च कर सराड़ा क्षैत्र के दर्जनो गांवों में फ्लोराइड मुक्त पानी देने का काम शुरू हुआ लेकिन करीब 18 वर्षों के बाद आज भी नियमित पेयजल सप्लाई नही हो पा रही है। दूसरी ओर वर्ष 2006-07 में सेमारी क्षैत्र 26 गांवों सोम कमला आंबा पेयजल योजना पर करीब 32 करोड रूपये खर्च किए। लेकिन आज तक उन गांवों में पानी नहीं पहुंच पाया। साथ ही गांवों में पानी टंकियां बनाई गई थी जो भी खंडहर होती जा रही है।
विभाग कर रहा पूरा प्रयास
पानी की समस्या समाधान के लिए विभाग पूरा प्रयास कर रहा है। दोनो बड़ी जयसमन्द पेयजल योजना का पानी सराडा क्षैत्र मे नियमित सप्लाई की जा रही है और सोम कमला आबां पेयजल योजना का पानी सेमारी क्षैत्र में सप्लाई हो रहा है। कुछ गांवों में पाईप लाईन के टेस्टिंग का काम चल रहा है। जहां तक हैडपंपों के खराब होने की बात है, मिस्त्री ठीक करने में लगे हुए है। पानी की जहां ज्यादा दिक्कत है वहां टेंकरों की व्यवस्था भी की जा रही है। - रितेश मीणा, सहायक अभियन्ता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सराड़ा
अधिकारियों को बताया है
पेयजल की समस्या को लेकर विभाग के अधिकारियों को बता दिया है। बागथला जुनपुरिया , गोपालपुरा, सीपुर सहित सोमकमला आंबा पेयजल योजना से जुड़े गांवों में शीघ्र पानी सप्लाई शुरू होनी चाहिए। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। - केशव पटेल उपप्रधान, पंचायत समिति सेमारी
Published on:
11 May 2019 07:24 am
