
अब गांव की इ-सखी सिखाएंगी डिजिटल उपयोग, महिलाएं होंगी डिजिटल साक्षर
भुवनेश पंड्या/ उदयपुर . अब गांवों में रहने वाली महिलाएं भी डिजिटल साक्षर होंंगी। वे विभिन्न योजनाओं के आवेदन अपने मोबाइल से ही खुद भरेंंगी। साथ ही गांव की अन्य सौ महिलाओं को भी डिजिटल साक्षरता को लेकर प्रशिक्षण देंंगी। यह सब संभव होगा राज्य सरकार की इ-सखी योजना से। राज्य सरकार ने योजनाओं के इलेक्ट्रोनिक सेवा प्रदायगी में अधिक से अधिक लोगों को जोडऩे के साथ ही डिजिटल साक्षरता को बढावा देने के लिए यह योजना शुरू की है जिसमें ग्रामीणों को डिजिटल सेवा लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
देंगी प्रशिक्षण
कार्यक्रम के तहत राज्य स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर आइटी ज्ञान केन्द्र संचालकों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद इ-सखी को इन केन्द्रों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इ-सखी अपने-अपने क्षेत्र में सौ लोगों को विभिन्न प्रकार की सेवाएं डिजिटल प्रक्रिया से लेने के लिए प्रशिक्षित करेगी। साथ ही आइटी क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को भी लोगों के साथ साझा करेगी।
प्रत्येक गांव से पांच महिलाओं का चयन
आइटी उपनिदेशक शीतल अग्रवाल ने बताया कि योजना के तहत हर गांव से पांच ऐसी महिलाओं का चयन किया जाएगा जो 12वीं तक पढ़ी हों और उसकी उम्र 20 से 35 वर्ष तक हों। साथ ही महिला के पास स्मार्टफोन व उनकी इ-मेल आईडी होना आवश्यक है। शहरी क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड से भी 10 महिलाओं का चयन होगा। महिलाओं को दक्षता के साथ काम करने पर इ-सखी का प्रमाण पत्र मिलेगा। सार्वजनिक कार्यक्रमों में सम्मानित किया जाएगा।
बोर्ड परिणामों में छाईं डीपीएस की प्रतिभाएं
उदयपुर. केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से हाल ही में घोषित परिणाम में दिल्ली पब्लिक स्कूल के बारहवीं व दसवीं के विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। बारहवीं में 36 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। वाणिज्य संकाय में संजना चंडालिया ने 97.2 प्रतिशत अंकों से संभाग में डंका बजवाया। विज्ञान संकाय में संस्कार सोनी व हेमांग श्रीमाली ने 96.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसी तरह दसवीं का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। 42 छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए।
Published on:
2 Jun 2018, 2:22 PM IST
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