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आदिमानव ने 70 हजार साल पहले बनाए चित्र, उदयपुर में यहां दिखेंगे

उदयपुर में पहली बार लगेगी विश्व शैल चित्र प्रदर्शनी, सात महाद्वीपों से जुटाए गए हैं शैल चित्र
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Exhibition of shell paintings

आदिमानव ने 70 हजार साल पहले बनाए चित्र, उदयपुर में यहां दिखेंगे

पंकज वैष्णव . उदयपुर . करीब एक सप्ताह बाद से लेकर एक महीने तक उदयपुर को नायाब चीज देखने को मिलेगी। तीस से 70 हजार साल पुराने मानवनिर्मित शैल चित्र, जो कभी आदिमानव ने पत्थरों पर बनाए थे, वे उदयपुर आने वाले हैं। दरअसर उदयपुर में एक महीने के लिए प्रदर्शनी लगने वाली है, जिसमें पौराणिक शैल चित्र देखने को मिलेंगे।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, नई दिल्ली और जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय के घटक साहित्य संस्थान के साझे में आगामी 19 जनवरी से 20 फरवरी तक विश्व शैल प्रदर्शनी का आयोजन होगा। यह पहली बार का मौका है कि उदयपुर में इस तरह की प्रदर्शनी लगने वाली है।
बताया गया कि इस प्रदर्शनी में प्रागेतिहासिक काल की मानवीय चित्रकला का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें 30 से 70 हजार वर्ष पुराने मानवनिर्मित चित्र आकर्षण का केन्द्र होंगे।
इन देशों से मिले
साहित्य संस्थान के निदेशक प्रो. जीवनसिंह खरकवाल ने बताया कि प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए जाने वाले शैल चित्र पृथ्वी के सात में से छह महाद्वीपों से प्राप्त हुए हैं, जिसमें मुख्यत: कजाकिस्तान, लीबिया, अजरबैजान, फ्रांस, इजराइल, आस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, चाइना, जापान, केलिफोर्निया आदि हैं। इसके अलावा भारत में मुख्यत: भीम, बैठका, बूंदी, सुन्दरगढ़, ईडर, सांबर कांठा, बनास कांठा, पुरूलिया, हजारीबाग, पंच महल, मिर्जापुर में शैल चित्र जुटाए गए हैं, जिनकी प्रदर्शनी लगने वाली है।