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दसवीं पास गुजरातियों ने फर्जी कॉलसेंटर चला अमेरिकियों से करोड़ों ठगे, पढ़िए पूरा मामला …

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इलियास मोहम्मद/उदयपुर. शहर में फर्जी कॉल सेंटर खोलकर अमेरिकन से ऑनलाइन ठगी करने के आरोप में भूपालपुरा थाना पुलिस ने रविवार को गुजरात के सात युवकों को गिरफ्तार किया। आरोपी महज दसवीं कक्षा पास होकर अमेरिकन इंग्लिश के जानकार हैं, जो वहां के प्रतिष्ठित फाइनेंस कंपनी से ऋण दिलाने के नाम पर 4 माह से अब करोड़ों रुपए की ठगी कर गए। ठग गिरोह का मास्टर माइंट गुजरात का ही है, जो अभी फरार है। एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि शहर में फर्जी कॉल सेंटर से ऑनलाइन ठगी का पता चलने पर उपाधीक्षक भगवतसिंह हिंगड़ के नेतृत्व में स्पेशल टीम प्रभारी गोरधनसिंह भाटी, सीआई भूपालपुरा हरेन्द्र सौदा ने जांच की तो उन्हें महासतिया के सामने स्थित विनायक कॉम्पलेक्स में कॉल सेंटर चलने की जानकारी मिली। पुलिस ने वहां फ्लेट नम्बर-106 में दबिश दी तो उन्हें वहां विश्वकुंज सोसायटी विन्जोल रोड वेटिकन पार्क, थाना वटवा, अहमदाबाद निवासी सोमनाथ उर्फ अंकुर (24) पुत्र श्रवण कुमार यादव, अजय नगर रूद्रा ग्रीन नारोल अहमदाबाद निवासी दीपक कुमार (21) पुत्र रामपाल बघेल, अयोध्यानगर नारोल अहमदाबाद निवासी सौरभ उर्फ सोनू (22) पुत्र जयंती प्रजापति, वटवा अहमदाबाद निवासी राहुल (21) पुत्र अवधेश यादव, नारोल निवासी अजय (18) पुत्र दुर्ग सिंह दिवाकर, सीताबाग सोसायटी हसनपुर अहमदाबाद निवासी रोशन (21) पुत्र विनय झा व नगला बुचा, मैनपुरी निवासी अभिषेक यादव (19) पुत्र सिकन्दर यादव कॉल करते मिले। पुलिस ने सभी को पकडक़र पूछताछ की तो हड़बड़ा गए। पूछताछ में ठगी का खुलासा होने से पुलिस ने सभी को पकड़ते हुए मौके से 11 लेपटॉप, 6 मैजिक जैक उपकरण व 16 मोबाइल बरामद किए।

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आरोपियों ने उदयपुर से बैठकर भले ही अमेरिकन को ठगा लेकिन कोई परिवादी नहीं होने से पुलिस इनके विरुद्ध धोखाधड़ी में कार्रवाई नहीं कर पाई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने वहां पर अन्य व्यक्ति के नाम से ब्रॉडबेंड कनेक्शन लेकर काम में ले रहे थे। अमेरिकन की प्रतिष्ठित फाइनेंस कंपनी की फर्जी मेल आईडी बनाकर उपयोग करने व फर्जी आधार कार्ड बनाने इनके विरुद्ध आईटी एक्ट में मामला दर्ज किया।

करीब 20 लाख महीना कर रहे थे ठगी
पुलिस ने बताया कि अब तक आरोपियों के पास से अक्टूबर माह के महज 15 दिन का हिसाब किताब मिला है। पन्द्रह दिनों में आरोपियों ने करीब 12 से 15 लाख ठगी सामने आई। पूछताछ में पता चला कि फरार आरोपी बिलाल अमेरिका में अपने साथी के सम्पर्क में था। वह ही सोमनाथ को प्रतिदिन दो सो अमेरिकन लोगों नम्बर उपलब्ध करवा रहा था। उसी के कहने पर ठगी के शिकार अमेरिकन गिफ्ट कार्ड खरीदकर नम्बर उपलब्ध करवाते थे। इस कार्ड की राशि अमरीका से सीधी बिलाल के पास रही थी।

ठगी के भी कई तरीके निकाले
ऋण के झांसे में नहीं आने वाले लोगों को वे दूसरे तरीके से भी ठगी कर रहे थे। इनमें अमेरिका के विशेष बैंक वेल्स फार्गो, चेस बैंक एवं बैंक ऑफ अमरीका के खाताधारक मिलने पर इनसे इनके खाते की जानकारी लोन लेने के नाम पर प्राप्त करते। उस बैंक मे सोमनाथ व इनके साथी खाताधारक बनकर सम्बंधित बैक में सम्पर्क कर गलत तरीके से डालर कटने का कहकर सम्बंधित बैक से खाते में डालर जमा करवा देते एवं पुन: खाताधारक से सम्पर्क कर उक्त डालर हमारी लोन कम्पनी द्वारा जमा करना बताकर पुन: उन डालरों को गिफ्ट कार्ड के प्राप्त कर लेते थे।

ज्यादा ठगने पर प्रोत्साहन राशि भी
बिलाल ठगी की कुल राशि में से 65 प्रतिशत सोमनाथ को दे रहा था। सोमनाथ ने इस राशि में से 15 से 20 हजार में साथियों को तनख्वाह दे रहा था। इसके अलावा अधिक जालसाजी करने वाले को प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही थी।

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पुलिस ने बताया कि सोमनाथ उर्फ अंकुर यादव गत चार माह से कॉल सेन्टर संचालित कर रहा था। सोमनाथ का कहना था कि अहमदाबाद के साथी बिलाल उसे प्रतिदिन अमरीका के विभिन्न शहरों के 200 नम्बर देता था। इन पर सोमनाथ व उसके साथी मैजिक जैक उपकरण से फर्जी अमेरिकन नम्बर लेकर टेक्स मैसेज भेजते थे। इनमें अमरीका की एस केस एक्सपे्रस कंपनी से ऋण पास होने के फर्जी मैसेज भेजते थे। इनमें से जो व्यक्ति उनसे पुन: सम्पर्क करते तो आरोपी उन्हें विश्वास में लेने के लिए कंपनी की फर्जी मेल आईडी भेजते। उन्होंने उनकी क्रेडिट खराब होना बताकर पुन: क्रेडिट बनाने के लिए उनसे आई-ट्यून कार्ड, गूगल प्ले कार्ड व स्टीम कार्ड, वाल्मार्ट कार्ड खरीदवाकर उनके नम्बर लेकर बिलाल को भेज देते थे। बिलाल गिफ्ट कार्ड के नम्बरों को अपने साथियों से कैश करवाकर ठगी करते थे। इस कार्य में बिलाल प्रति कॉल सोमनाथ को कमीशन दे रहा था।

आरोपी इतने शातिर थे उन्होंने अमेरिकन की तरह ही स्वयं के नाम रख लिए। सोमनाथ ने अपना नाम माईक ऑस्टिन, दीपक ने माईक जॉनसन, सौरभ ने जॉन स्मिथ, राहुल यादव ने एलेक्स वाईट एवं रोशन झा ने मार्क मॉरिसन रखा हुआ था। सभी महज दसवीं पास है लेकिन सभी का अंग्रेजी बोलने का तरीका अमेरिकन वासियों की तरह ही है। सभी का पुलिस रिमांड लिया जाकर इनके पूर्व के अपराधिक इतिहास के सम्बध मे अनुसंधान किया जा रहा है।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस खुलासे में हेडकांस्टेबल राजेश मेहता, सुखदेव सिंह, कांस्टेबल प्रहलाद पाटीदार, अनिल पुनिया, सलीम खान, यशपाल एवं योगेश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।