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बारिश थमी तो बैलों और कलपों के सहारे खेतों में उतरे किसान

उदयपुर

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Newsdesk

Aug 05, 2026

Rajasthan

आमेट. क्षेत्र में मानसून की बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से खेतों में नमी की कमी महसूस होने लगी है। ऐसे में फसलों की समय पर निराई-गुड़ाई का काम प्रभावित न हो, इसके लिए किसान बारिश का इंतजार करने के बजाय परंपरागत तरीकों से खेती में जुट गए हैं। किसानों ने बैलों, कलपों और हाथ से खेतों में निराई-गुड़ाई शुरू कर दी है। मक्का, सोयाबीन और दलहन की फसलों से घास-खरपतवार हटाए जा रहे हैं, ताकि फसलों की बढ़वार प्रभावित न हो और उन्हें पर्याप्त पोषण मिल सके। स्थानीय किसान भैरू सिंह रावणा ने बताया कि समय पर निराई नहीं होने पर फसल कमजोर हो सकती है। इसलिए बैलों और कलपों की सहायता से खेतों में काम किया जा रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर किसान हाथ से भी गुड़ाई कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार समय पर निराई-गुड़ाई करने से मिट्टी की नमी संरक्षित रहती है और खरपतवार नष्ट होते हैं, जिससे फसल की बढ़वार के साथ उत्पादन में भी वृद्धि की संभावना रहती है। इधर, किसान अब अच्छी बारिश की आस लगाए बैठे हैं, ताकि फसलों को नई ऊर्जा और बेहतर बढ़वार मिल सके।