
उदयपुर . चांदपोल सेटेलाइट हॉस्पिटल के गलियारे में तपती दोपहरी में आशा व एनएनएम मीटिंग बुलाने का मुद्दा शुक्रवार को गरमा गया। राजस्थान नर्सिंग एसोसिएशन (आरएनए) के देहात अध्यक्ष भूपेंद्रसिंह ने पंखे, कूलर, बैठक व्यवस्था एवं पानी की सुविधा नहीं करने पर एतराज करते हुए आपत्ति उठाई। उनके तेवर को देखकर आरसीएचओ डॉ. अशोक आदित्य भी चुप नहीं रहे। दोनों के बीच विवाद इस कदर बढ़ा कि परिवार कल्याण को लेकर आवश्यक बैठक को समय से पहले ही खत्म कर देना पड़ा।
हालांकि, विभागीय अधिकारियों ने गलती का अहसास होने के बाद मौके पर किराए के पंखे भी लगवाए, वहीं जेब से आशाओं और प्रसाविकाओं के लिए नाश्ता और ठंडई की व्यवस्था की। गौरतलब है कि परिवार कल्याण को लेकर शहरी क्षेत्र की करीब 70 आशाओं और 30 प्रसाविकाओं की यह बैठक अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रागिनी अग्रवाल ने बुलाई गई थी। इसमें जयपुर से आए सांख्यिकी अधिकारी एवं एनआरएचएम के डीपीएम जीएस राव भी मौजूद थे।
लिखित में नहीं
बैठक को लेकर चिकित्सा विभाग ने कोई लिखित सूचना नहीं दी थी। चिकित्सालय प्रमुख डॉ. संपत कोठारी ने माना कि उन्हें इस बारे में मौखिक सूचना दी गई थी। कायदे से विभाग को मेडिकल कॉलेज से बैठक को लेकर सूचना-पत्र देना चाहिए था।
सरकारी काम है
परिवार कल्याण की बैठक में राजश्री योजना की पेंडिंग को लेकर गया था। सरकारी काम है, बैठक में कुछ कमी पेशी रह गई होगी। आरएनए अध्यक्ष का बैठक के बीच में आकर बोलना सही लगा, जिसका मैंने विरोध किया।
डॉ. अशोक आदित्य, आरसीएचओ, चिकित्सा विभाग
सुविधा होनी चाहिए
भीषण गर्मी के बीच तंग गलियारे में बिना पंखे की बैठक, न पानी, न दरी-पट्टी और न ही पेयजल की सुविधा। इस पर एतराज उठाया था। बात सुनने की बजाय आरसीएचओ भडक़ गए और कुछ का कुछ कहने लगे।
भूपेंद्रसिंह, आरएनए देहात अध्यक्ष
गलत है तरीका
चिकित्सा विभाग को बैठक से पूर्व हमें लिखित में अवगत करवाना चाहिए था। मरीज हित में चिकित्सालय परिसर में अशांति नहीं करनी चाहिए थी।
डॉ. डी.पी.सिंह, प्राचार्य, आरएनटी मेडिकल कॉलेज
Published on:
05 May 2018 03:18 pm
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