पद एक, रैंजर दो, पशोपेश में कर्मचारी

forest department पूर्व रैंजर ने नहीं दिया चार्ज, पद से नहीं छूट रहा मोह

उदयपुर/ झाड़ोल. forest department वनविभाग के स्थानीय रेंज कार्यालय में एक पद पर दो दावेदरों की मौजूदगी को लेकर सेवारत अधीनस्थ स्टाफ इन दिनों पशोपेश में है। तबादले के बाद भी पहले वाले रैंजर ने नए पदभार को नहीं संभाला है तो आदेश की पालना में यहां पहुंचे नए रैंजर ने कार्य को लेकर मोर्चा संभाल लिया। ऐसे में दो रैंजर की मौजूदगी से विभागीय कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय कर्मचारी यह नहीं समझ पा रहा है कि उसे दैनिक ड्यूटी के लिए किस रैंजर के समक्ष उपस्थिति देनी है और किसे सेल्युट देना है। विवादित मामले की जानकारी के बावजूद उच्चाधिकारी भी मौन साधे हुए हैं। ऐसे में क्षेत्र में सक्रिय लकड़ी तस्करों की बल्ले-बल्ले हो रही है। ढाई माह पहले तबादलाबता दें कि प्रदेश सरकार की तबादला सूची के तहत स्थानीय रैंजर मोहनलाल मेघवाल का ढाई माह पूर्व स्थानांतरण हो गया था। उन्हें आयोजन अधिकारी के तौर पर उदयपुर लगाया गया है। वहीं छाजूराम शर्मा को बांकी अनुसंधान केंद्र से झाड़ोल रैंजर के तौर पर नियुक्ति दी गई, जिन्होंने 14 सितम्बर को ही पदभार संभाल लिया, लेकिन अब तक भी मोहनलाल यहां से रिलीव नहीं हुए हैं। विभागीय रेकॉर्ड के अनुसार रैंजर मोहनलाल मेघवाल ने 24 जून 2015 को यहां रैंजर का पदभार संभाला था। उन्होंने इस रेंज में करीब 5 वर्ष सेवाएं दी है।

पहले स्थगन, फिर खारिज
हुआ यूं कि स्थानांतरण आदेश पर रैंजर मेघवाल ने न्यायालय की शरण ली और सेवानिवृत्ति समय नजदीक बताते हुए फिल्ड में सेवाएं देने में असमर्थ बताया। इस पर अदालत ने मामले में स्थगन आदेश जारी किए, लेकिन जवाब में रैंजर शर्मा भी हाइकोर्ट पहुंच गए और स्टे को चुनौती दी। उन्होंने आवश्यक साक्ष्य भी पेश किए। जवाब में अदालत ने पहले जारी स्थगन आदेश को निरस्त कर दिया। बावजूद इसके मेघवाल की ओर से शर्मा को चार्ज नहीं संभलवाया गया और न ही आयोजना अधिकारी के तौर पर अब तक जोइनिंग दी। इधर, उपवन संरक्षक की ओर से मेघवाल के लिए दो बार आदेश जारी कर चार्ज संभलवाने एवं नए पद पर जोइनिंग देने को कहा जा चुका है।
आदेश की पालना
मैंने सरकार के स्थानांतरण आदेश की पालना में जोइनिंग दी है। पहले से जमे रैंजर मेघवाल की ओर से लाए गए स्थगन को भी निरस्त कर दिया गया है। मुझे अब तक भी पूरा चार्ज नहीं मिला है। क्वार्टर की चाबियां भी मुझे भी नहीं मिली है। छाजूराम शर्मा, वनविभाग रैंजर, झाड़ोल

नहीं दी जोइनिंग
मोहनलाल अदालती स्टे लाए थे। forest department छाजूराम की याचिका पर अदालत ने स्टे खारिज कर दिया। मेरे स्तर पर मोहनलाल को आयोजन अधिकारी के पद पर जोइनिंग के आदेश भी जारी किए गए, लेकिन जोइनिंग नहीं दी।
अजय चितौड़ा, डीएफओ, उदयपुर
नहीं की बातचीत
विवादित मामले को लेकर आवश्यक दूरभाष नंबर पर कई बार रैंजर मोहनलाल मेघवाल से संपर्क साधने के प्रयास किए गए, लेकिन उनकी ओर से फोन रिसीव नहीं किया गया।

Show More
Sushil Kumar Singh
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned