4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

विधायक बन व्यवसायी से ठगी के आरोपी की जमानत खारिज, ऐसे की थी ठगी

- जयपुर में परिचित के भर्ती होने का हवाला देकर ठग ली राशि
2 min read
Google source verification
court decision

court decision

मोहम्मद इलियास/उदयपुर . खुद को उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा बताते हुए सर्राफा व्यवसायी से पांच लाख रुपए की ठगी के आरोपी की ओर से दोबारा पेश की गई जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी। प्रदेशभर में करीब 33 से ज्यादा मामलों में वांछित आरोपी रजतनगर पाली निवासी सुरेश कुमार पुत्र भंवरलाल तेली के विरुद्ध व्यवसायी कानजी का हाटा निवासी धनराज पुत्र रतनलाल जोशी ने 16 जनवरी 2018 को घंटाघर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।

परिवादी ने रिपोर्ट में बताया था कि उसकी मोती चौहट्टा में ज्वैलरी की दुकान है। नववर्ष पर एक जनवरी के दिन उसके मोबाइल पर कॉल आया जिसमें सामने वाले ने कहा कि फूलसिंह मीणा उदयपुर ग्रामीण विधायक बोल रहा हूं। मेरा एक परिचित जयपुर अस्पताल में भर्ती होकर गंभीर हालत में है। आप एर्जेन्ट में पांच लाख रुपए की व्यवस्था करवा दो, मैं मिटिंग खत्म होने के बाद दो घंटे में ही आपको पैसा लौटा दूंगा। व्यवसायी उचक्के के झांसे में आ गया। उसने तुरंत ही जयपुर में अपने मित्र कांतिभाई को कॉल कर पैसों की व्यवस्था कर यह रकम पहुंचा दी। कुछ देर के बाद व्यापारी को आरोपित ने फोन कर सूचना दी कि उसे पैसे मिल गए और वह अब उसे वापस नहीं लौटाएगा।

वारदात के बाद व्यापारी ने मामले की सूचना पुलिस को भी नहीं दी। इस बीच, आरोपी निम्बाहेड़ा के एक व्यवसायी ललित जैन को डग विधायक बनकर 15 लाख रुपए की ठगी के मामले में साथी के साथ पकड़ा गया। दोनों आरोपितों के फोटो सार्वजनिक होते ही उदयपुर के व्यवसायी धनराज जोशी ने जयपुर मित्र कानजी का उसका फोटो भेजा, वह देखते ही पहचान गया। इस पर जोशी ने घंटाघर थाने में आरोपितों के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया।
ग्रीष्मावकाश में स्कूल खुले तो होगी कार्रवाई

अभिभावकों की शिकायत पर आदेश जारी

उदयपुर . प्रदेश के तमाम सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों को शिविरा पंचांग के हिसाब से ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करना है। इसके बावजूद कहीं से स्कूल खुलने की शिकायत मिली तो विभाग उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा।
माध्यमिक शिक्षा के उपनिदेशक ने आदेश जारी कर सभी जिला शिक्षा अधिकारियो को इस संदर्भ में स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं। विभाग को कुछ अभिभावकों से शिकायतें मिली है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा होने के बावजूद कु छ स्कूल संचालित हो रहे हैं जो नियमों का उल्लंघन है। ऐसे स्कूलों के खिलाफ राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम 1989 नियम 1993 के तहत कार्रवाई होगी। यह आदेश राजस्थान बोर्ड एवं केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से सबंद्धता प्राप्त निजी विद्यालयों पर लागू रहेगा।