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प्रसादी के दौरान मधुमक्खियों के हमले से 14 घायल, कानोड़ में लगातार दूसरे दिन घटना

कानोड़ में लगातार दूसरे दिन की घटना में मधुमक्खियों के हमले की घटना हुई है।

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कानोड़. कस्बे के निकट अचलाना स्थित दकों के भैरूजी स्थानक पर प्रसादी के दौरान मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। शादी समारोह के बाद हुई प्रसादी में नवविवाहित सहित परिवार के 14 लोग घायल हो गए। कानोड़ में लगातार दूसरे दिन की घटना में मधुमक्खियों के हमले की घटना हुई है। इससे पहले दाहसंस्कार के दौरान मधुमक्खियों ने 11 लोगों को घायल कर दिया था।


जानकारी के अनुसार महेन्द्र कुमार दक के पुत्र विशाल और पुत्री हर्षिता की शादी के बाद गुरुवार को भैरूजी स्थानक पर प्रसादी का आयोजन था। प्रसादी के दौरान अचानक मधुमक्खियां मडराने लगी। परिजन संभलते उससे पहले ही मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सभी इधर-उधर भागने लगे, लेकिन के डंक से बच नहीं पाए। कुछ लोगों ने पास ही तालाब में कूदकर अपने आपको बचाया। परिजनों ने अन्य परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। लोगों ने घायलों को कानोड़ चिकित्सालय पहुंचाया।

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खली डॉक्टर की कमी : तीस बेड वाला राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय लंबे समय से स्टाफ की कमी से प्रभावित है। यह कमी गुरुवार को खुलकर सामने आई, जब एक साथ कई घायल चिकित्सालय पहुंचे। यहां पहले से रोगियों की कतारें लगी थी। एक चिकित्सक के साथ मेल नर्स ने व्यवस्था संभालने के प्रयास किए, लेकिन महज एक चिकित्सक से व्यवस्था नहीं संभल पाई। ऐसे में घायलों को उपचार मिलने में परेशानी हुई। उल्लेखनीय है कि 6 चिकित्सकों के पद वाले अस्पताल में महज एक चिकित्सक है। बदहाली सुधारने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया, लेकिन सुधार नहीं हुआ।

मधुमक्खियां इसलिए छते से उड़ती
- आसपास आग के धुएं से।
- छते के आसपास तेज शोर से।
- छते के ऊपर पत्थर फेंकने पर।
- शहद लेने के लिए उनको परेशान करने पर।

इन बातों का रखें ध्‍यान

- मधुमक्खियां के पास क्षेत्र में बीड़ी-सिगरेट नहीं पीए
- उस क्षेत्र में आग नहीं जलाए।
- उस क्षेत्र में तेज से ढोल-नंगाड़े नहीं बजावे।
- मधुमक्खियां के छते वाले पेड़ पर नहीं चढ़े
- जहां एक बार मधुमक्खियां छते से उड़े वहां सप्ताह भर तक कोई शोर नहीं हो नहीं तो वे वापस काटने दौड़ेगी।
(जैसा कि पक्षीविद् डॉ. सतीश कुमार शर्मा ने बताया)

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