
प्रभारी मंत्री ने किया जनजाति छात्रावास का औचक निरीक्षण
उदयपुर. जिले के प्रभारी मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने शनिवार को सुखेर स्थित जीवन ज्योति निराश्रित बाल गृह एवं जनजाति छात्रावास का औचक निरीक्षण कर बच्चों की स्थिति को नजदीक से देखा। साथ ही स्वयं सेवी संगठनों के माध्यम से दक्षिण राजस्थान में छात्रावास में रहने वाले बच्चों की स्थिति को जानने के प्रयास किए। छात्रावास में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए मेघवाल ने कहा कि समाज को बाल श्रम एवं भिक्षावृत्ति मुक्त करने के लिए सरकार के साथ आमजन का प्रयास भी जरूरी है। बाल मित्र समाज की स्थापना सभी का दायित्व है। प्रदेश के जनजाति छात्रावास एवं बाल गृहों को मॉडल कैसे बनाया जाए। इस पर सरकार विचार कर रही है। हर वंचित को मुख्य धारा से जोडऩा पहला लक्ष्य है। कार्यक्रम की अध्यक्षता लक्ष्मीनारायण पण्ड्या ने की। पण्ड्या ने जनजाति क्षेत्र में बालपन की स्थिति बताते हुए कहा कि बाल गृहों को समय पर सरकार की ओर से राशि जारी करनी चाहिए। समय पर राशि नहीं मिलने से भी संचालन गुणवत्ता प्रभावित होती है। गायत्री सेवा संस्थान के निदेशक डॉ. शैलेन्द्र पण्ड्या ने प्रभारी मंत्री को जिले की बाल श्रम की स्थिति एवं बाल मित्र समाज की स्थापना के लिए सरकार की ओर से संचालित सेमिकित बाल संरक्षण योजना को सशक्त करने की बात कही। ग्राम एवं ब्लॉक स्तर पर बाल संरक्षण समितियों का गठन करने की आवश्यकता जताई। बालगृह प्रबन्धक ओम प्रकाश बंजारा, शूलधारिणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष सतीश मालवीय, राजस्थान आदिम जाति सेवक संघ प्रतिनिधी अरविन्द शर्मा, एमएल सोलंकी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक गिरिश भटनागर, आशुतोष राठौड़ सहित अन्य लोग मौजूद थे।
Published on:
24 Feb 2019 01:21 am
