
उदयपुर/भीम/देवगढ़. वीरों की धरती राजसमंद के मगरा क्षेत्र के शेखावास का लाल परवेज काठात सरहद पर जान गंवा तिरंगे में लिपटकर शुक्रवार को अपनी ‘मातृभूमि’ पर पहुंचा। शाम छह बजे थल सेना के इस जवान की पार्थिव देह जोधपुर से गोमती चौराहा पहुंची, जहां से भीम के लिए रवाना हुई। कश्मीर के उरी में गुरुवार अलसुबह पाकिस्तानी सेना की ओर से हुई गोलीबारी की जवाबी कार्रवाई के दौरान जांबाज परवेज पुत्र मांगू काठात शहीद हो गए थे। सुबह सेना के विशेष विमान से उनकी पार्थिव देह दिल्ली पहुंची, जहां से हवाई मार्ग से उन्हें जोधपुर एयरपोर्ट लाया गया। जोधपुर से सेना के विशेष वाहन में पार्थिव देह रखकर काफिला राजसमंद के लिए रवाना हुआ।
काफिला पाली, देसूरी की नाल होते हुए गोमती चौराहा पहुंचा, जहां बड़ी तादाद में लोगों ने शहीद को नमन किया। लोग हाथों में फूल-मालाएं लेकर घंटों तक इंतजार में खड़े रहे। शाम छह बजे शहीद को श्रद्धांजलि देने के बाद दिवेर होते हुए यात्रा सवा सात बजे कामलीघाट पहुंची, जहां सैकड़ों लोगों ने ‘परवेज जिन्दाबाद’, ‘मगरा का लाल अमर रहे’ के गगनभेदी नारे लगाए। लोगों ने नम आंखों से शहीद को नमन किया। इसके बाद यात्रा भीम के लिए रवाना हो गई। रास्ते में कई जगह पर शहीद के आखिरी दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। यात्रा भीम होकर ब्यावर जाएगी, जहां रात्रि में ठहराव होगा। सुबह वहां से पार्थिव देह शेखावास के लिए रवाना होगी, जहां वह सुपुर्दे खाक होगी। दूसरी ओर, दिनभर ग्रामीण पार्थिव देह पहुंचने का इंतजार करते रहे। शहीद के परिजन जोधपुर एयरपोर्ट पहुंच गए थे।
Published on:
30 Mar 2019 10:43 am
