
8 पीएम पर चढ़ा जाम का खुमार, नियमों की रार
भुवनेश पण्ड्या
उदयपुर. रात आठ बजे बाद भी प्रदेश में शराब बेधड़क बिकती रही। एक नहीं, दो नहीं बल्कि प्रदेश के कई जिलों में ये दुकानें देर रात तक खुली तो यहां आबकारी ने भी लगे हाथ कुछ मामले पकड़ लिए। आम तौर पर देर रात तक चोरी-छिपे महंगे दामों पर शराब बेचने के मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन प्रदेश के अधिकांश जिले इस 8 पीएम के नशे की गिरफ्त में रहे। आठ बजे जब शराब की दुकान का शटर बंद करने का समय होता है, उस समय नशेडिय़ों का शौक सिर चढ़ कर बोलता है तो ज्यादा पैसे कमाने की जुगत में नशे के कारोबारी भी नियम तोडऩे से गुरेज नहीं करते।
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ऐसे सामने आए मामले..
.- राज्य सरकार की ओर से रात्रि 8 बजे तक शराब विक्रय का समय निर्धारित किया हुआ है। इसके बाद मदिरा बेचने पर राजस्थान आबकारी अधिनियम 1950 की धारा 58 सी के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष में 1 अप्रेल, 19 से 20 जून, 2019 तक 65 अभियोग जोन, जिला व आबकारी वृत्तवार दर्ज किए गए। शराब की बोतलों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर मदिरा बेचने, निर्धारित समय अवधि के पश्चात बेचने पर अनुज्ञाधारियों के विरुद्ध राजस्थान आबकारी अधिनियम के अन्तर्गत कार्रवाई की गई।
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आठ बजे बाद शराब बिक्री के मामलेजयपुर जोनअलवर- 01झुंझुनूं -03जयपुर ग्रामीण- 01दौसा- 04सीकर- 04जयपुर शहर- 03----कोटा जोनबारां- 02बूंदी- 01झालावाड़-01कोटा- 03----बीकानेर जोन- चूरू- 01- श्री गंगानगर- 04- बीकानेर- 05- हनुमानगढ़-01----भरतपुर जोनधौलपुर- 01---जोधपुर जोनबाड़मेर- 02जालोर 02जोधपुर 04---उदयपुर जोन- चित्तौडगढ़- 09- डूंगरपुर- 03----अजमेर जोनटोंक- 02नागौर- 03अजमेर- 04भीलवाड़ा- 01----कुल 65 मामले-----आठ बजे बाद अधिक मूल्य पर शराब बेचने के मामलेराज्य में कुल 4974 मामले रात आठ बजे बाद शराब अधिक कीमत पर बेचने के बनाए गए। इनमें अजमेर में 250, भीलवाड़ा 259, नागौर 239, टोंक 132, भरतपुर 80, धौलपुर 57, करौली 23, सवाई माधोपुर 0, कोटा 143, बूंदी 106, बारां 62, झालावाड़ 75, उदयपुर 378, राजसमन्द 46, चित्तौडगढ़ 156, प्रतापगढ़ 71, डूंगरपुर 78, बांसवाड़ा 170, जोधपुर 365, सिरोही 62, बाड़मेर 134, जालोर 105, पाली 156, जैसलमेर 44, बीकानेर 133,चूरू 95, हनुमानगढ़ 101, श्री गंगानगर 125, जयपुर शहर 159, जयपुर ग्रामीण 159, दौसा 77, झुंझुनूं 253, सीकर 183 और अलवर में 523 मामले दर्ज किए गए।
जांच में पुष्टि पर मामला सूचना तंत्र से मिली जानकारी पर आकस्मिक जांच की जाती है। जांच में पुष्टि होने पर मामला बनाया जाता है, उदयपुर में इस बार बेहतर कार्रवाई की गई है।हेमेन्द्र नागर, जिला आबकारी अधिकारी
Published on:
13 Nov 2019 11:11 pm
