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जननी सुरक्षा योजना में जयपुर, जोधपुर व उदयपुर रेड जोन में

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जननी सुरक्षा योजना में जयपुर, जोधपुर व उदयपुर रेड जोन में

भुवनेश पंड्रया/उदयपुर . प्रदेश में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने एवं प्रसव के बाद पौष्टिक आहार प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई जननी सुरक्षा योजना का निचले स्तर पर ढिलाई से प्रसूताओं को समय पर फायदा नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश में 40 हजार 541 प्रसूताओं के हक की राशि चिकित्सा विभाग के दफ्तरों में अटकी पड़ी है, जबकि इसे 24 से 48 घंटे में प्रसूताओं को देने का प्रावधान है।अप्रेल 2018 से जून 2018 के बीच प्रदेश में हुए कुल 2 लाख 40 हजार 805 प्रसवों में से 40 हजार 541 प्रसूताओं को यह राशि नहीं मिली। विभाग ने 1 लाख 79 हजार 911 प्रसूताओं को पैसा जारी किया। इस महत्वाकांक्षी योजना में स्पष्ट है कि किसी भी स्थिति में यह राशि 48 घंटे से अधिक समय तक नहीं रोकी जा सकती।

जयपुर, जोधपुर व उदयपुर रेड जोन में

जननी सुरक्षा योजना में उन संभागों को रेड जोन में रखा है, जिन्होंने राशि समय पर जारी नहीं की है। जयपुर, जोधपुर और उदयपुर तीनों संभाग इसमें शामिल हैं। इन तीनों संभाग में 68 प्रतिशत भुगतान का बकाया है। शहरी क्षेत्र की प्रसूताओं को 1 हजार व ग्रामीण प्रसूताओं को 14 रुपए देने का प्रावधान है।

प्रसूताओं को भुगतान की स्थिति

संभाग....लंबित मामले...प्रतिशत....स्थिति
जयपुर 11354... 26 प्रतिशत सातवां स्थान - रेड जोन

जोधपुर 11345...24 प्रतिशत छठा स्थान - रेड जोन
उदयपुर 4826...12.1 तीसरा स्थान - रेड जोन

अजमेर 3083...8 प्रतिशत पहला स्थान
बीकानेर 3510...14 प्रति. चौथा स्थान

कोटा 2474....11.7 दूसरा स्थान
भरतपुर 3949...15 प्रति. पांचवां स्थान

दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण कई बार राशि जारी करने में परेशानी होती है। हालांकि प्रयास तो यही रहता है कि समय पर राशि दे दें।
डॉ दिनेश खराड़ी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी

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इसकी प्रक्रिया समझना जरूरी है, हम पूरे संभाग का पैसा जारी करते हैं, लेकिन इसके लिए आधार कार्ड, बैंक अकाउंट नम्बर, भामाशाह कार्ड आदि दस्तावेज जरूरी है। सभी सीएमएचओ को निर्देशित करेंगे कि समय पर राशि जारी हो। पीपीसीटीएस आईडी जरूरी है।
डॉ मंजू अग्रवाल, संयुक्त निदेश