
उदयपुर। कोबरा, रसेल वाइपर, अजगर इन्हें सामने देखकर या इनका नाम लेने पर भी अक्सर लोग घबरा जाते हैं। सामने आ जाने पर इनसे दूर भागते हैं और कोई इन्हें पकड़ने या छूने तक की हिम्मत नहीं करता, लेकिन, उदयपुर की कोमल ऐसे खतरनाक से खतरनाक सांप पकड़ने में माहिर है। नाम भले ही कोमल हो लेकिन वो असली जिंदगी में खतरों की खिलाड़ी हैं, जो रात-दिन इस तरह के खतरों से खेलकर ना केवल लोगों की जान बचाती हैं बल्कि इन वन्यजीवों की रक्षा भी करती हैं।
तितरड़ी निवासी कोमल गमेती ने बताया कि वे पिछले 5 सालों से सांपों का रेस्क्यू कर रही हैं। सबसे पहले यू-ट्यूब पर वाइल्ड एनिमल्स और खासकर सांपों को रेस्क्यू करने का वीडियो देखा था। इसके बाद उदयपुर के स्नेक कैचर चमनसिंह के पास पहुंची और उनसे सांपों को पकड़ने का प्रशिक्षण लिया। उनके साथ कई और लड़कियों ने भी प्रशिक्षण लिया था लेकिन, उदयपुर में अब केवल वे ही एकमात्र लड़की हैं जो सांपों का रेस्क्यू करने कभी घर तो कभी खेत-खलिहान जाती हैं।
कोमल ने बताया कि वे अब तक 4 से 5 हजार सांपों का रेस्क्यू कर चुकी हैं, जिनमें कोबरा, रसेल वाइपर, कॉमन करैत, इंडियन करैत, वॉटर स्नेक, अजगर आदि कई प्रजाति के सांप शामिल हैं। सांप पकड़ने के अलावा वे कई अन्य वन्यजीवों का भी रेस्क्यू करने में भी आगे रहती हैं। उन्होंने गुरूनानक कॉलेज से स्नातक किया है और प्रतापनगर आइटीआई कॉलेज से डिप्लोमा कोर्स किया है। आगे भी वे अपने काम को ही प्राथमिकता देंगी।
कोमल ने बताया कि बारिश के दिनों में अक्सर घरों या खेतों में सांप निकलने की घटनाएं होने लगती हैं। ऐसे में स्नेक कैचर टीम को रेस्क्यू के लिए बुलाया जाता है। जब वे सांप पकड़ने पहुंचती हैं तो हर कोई उन्हें सांप पकड़ते देख दंग रह जाता है कि लड़की सांप पकड़ रही है।उनकी मां भी अक्सर डरती हैं लेकिन वे उन्हें समझा देती है। कोमल बताती हैं कि सांप पकड़ने के लिए कभी भी कॉल आ सकता है चाहे दिन हो या रात। रात में बाहर जाते समय वे अपनी सुरक्षा के लिए चिली स्प्रे साथ रखती हैं और एक छड़ी भी। हर महिला को अपनी सुरक्षा के लिए खुद को तैयार रखना चाहिए। खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए और मुसीबत के समय लड़ना आना चाहिए।
Published on:
28 Aug 2024 05:47 pm
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