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Rajasthan Election 2018 : मेवाड़-वागड़ के इन सूरमाओं ने प्रदेश की राजनीति में बजाया है अपना डंका..आज तक कायम है धाक

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बेटिकट हुए विधायक गायब, अन्य अनेक टिकटार्थी भी नहीं आ रहे नजर

भुवनेश पंड्या/ उदयपुर . विधानसभा चुनाव को लेकर अब तक यह साबित होता रहा है कि राजस्थान के दक्षिणांचल यानी मेवाड़-वागड़ की सीटें यदि किसी पार्टी ने साध ली तो वह सत्ता का वरण कर लेता है। सत्ता का द्वार खोलने वाले इस क्षेत्र के सूरमाओं ने प्रदेश की राजनीति पर अपना डंका बजाया है। आइए जानते हैं उन नेताओं के बारे में...
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मोहनलाल सुखाडिय़ा

मेवाड़ की राजनीति के दिग्गजों में पहला नाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और चार बार मुख्यमंत्री रहे मोहनलाल सुखाडिय़ा का है। 31 जुलाई 1916 में झालावाड़ में जन्मे सुखाडिय़ा को आधुनिक राजस्थान का निर्माता कहा जाता है। वे करीब 17 वर्ष यानी 1954 से 1971 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे। बाद में कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु के राज्यपाल रहे।

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हरिदेव जोशी
सुखाडिय़ा के बाद दूसरा नम्बर तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे हरिदेव जोशी का है। उनका जन्म बांसवाड़ा के खांडू गांव में हुआ। वर्ष1952 में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया, तब से वे 10 बार विधानसभा चुनाव लड़े और हर बार विजयी रहे। 1995 में उन्होंने दानपुर से, 1957 में घाटोल से और शेष 8 बार बांसवाड़ा से निर्वाचित हुए थे। वे पहली बार 11 अक्टूबर 1973 से 29 अप्रेल 1977 तक, दूसरी बार 10 मार्च 1985 से 20 जनवरी 1988 तक और अंत में 4 दिसम्बर 1989 से 4 मार्च 1990 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे। बाद में असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भी रहे।

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शिवचरण माथुर
कांग्रेस के शिवचरण माथुर दो बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे। 1981 से 1985 और 1988 से 1989 तक। बाद में वह 2008 से 2009 तक असम के राज्यपाल बने। भीलवाड़ा के मांडलगढ़ से विधायक चुने गए थे। माथुर का जन्म मध्यप्रदेश के गुना में हुआ था।

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हीरालाल देवपुरा
हीरालाल देवपुरा उदयपुर के कुंभलगढ़ विधानसभा सीट से विधायक थे, जो 23 फरवरी 1985 से 10 मार्च 1985 तक 16 दिन तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे।

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भीखा भाई

28 अप्रेल 1916 को डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा क्षेत्र के बुचिया बड़ा गांव में जन्मे भीखा भाई 1952 में पहले आम चुनाव में बांसवाड़ा से सांसद चुने गए। 9 जुलाई 71 से 16 मार्च 72 तक बरकतुल्ला खा सरकार में मंत्री रहे। 1998 से 2002 में गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। कई बार राजस्थान में उप मंत्री व राज्य मंत्री रहे तो उन्हें केन्द्र में श्रम मंत्री का पद भी मिला।

गुलाबसिंह शक्तावत
गुलाबसिंह शक्तावत स्वतंत्रता सैनानी थे। वे कई बार विधायक चुनने के साथ ही प्रदेश के गृह मंत्री बने। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य रहे।

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गुलाबचंद कटारिया

वर्तमान में राजस्थान सरकार के गृह मंत्री हैं। पूर्व में कटारिया ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री 1993-1998, लोक निर्माण विभाग और गृहमंत्री 2004-8 रहे। इस बार कटारिया फिर उदयपुर शहर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

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कैलाशचन्द्र मेघवाल

कैलाश चन्द्र मेघवाल वर्तमान राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष हैं। उनका जन्म 22 मार्च 1934 को उदयपुर के माजवाड़ा गांव में हुआ। वे पूर्व में केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रह चुके हैं। वे भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे। वर्तमान में भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं। पूर्व में वे टोंक- सवाई माधोपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद थे। वे राजस्थान सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
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डॉ गिरिजा व्यास

व्यास का जन्म 8 जुलाई 1946 को हुआ। व्यास मनमोहन सिंह सरकार में आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री एवं सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री रह चुकी हैं। वे 1985 में विधायक, 1991, 96, 99 व 2009 में सांसद चुनी गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष व राष्ट्रीय अध्यक्ष, केन्द्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष सहित विविध पदों पर रही।

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डॉ सीपी जोशी

जोशी का जन्म 29 जुलाई 1950 को हुआ था। जोशी 1980,85,98 व 2003 में नाथद्वारा से विधायक रहे। भीलवाड़ा से सांसद चुने गए। इसके अलावा राजस्थान में पंचायतराज मंत्री एवं केन्द्र में सडक़-परिवहन व राजमार्ग मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री और बाद में कुछ समय के लिए वह केन्द्र में रेल मंत्री के पद पर भी रहे। वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी रहे।

READ MORE : Rajasthan Election Flashback : मेवाड़ में 1952 में पहली बार इन दिग्‍गजों के बीच हुई थी चुनावी जंग...

इनका भी चमका सितारा
- किरण माहेश्वरी- उच्च शिक्षा मंत्री

- डॉ हनुमानप्रसाद प्रभाकर- पूर्व मंत्री

- कुंजीलाल - पूर्व मंत्री, बांसवाड़ा

- जीवराम कटारा - पूर्व मंत्री
- कनकमल कटारा - पूर्व मंत्री

- महेन्द्रजीतसिंह मालवीय - पूर्व मंत्री
- धनसिंह रावत - मंत्री

- सुशील कटारा- उप मंत्री
- कमलादेवी, उप मंत्री

-जसवन्तसिंह- चित्तौडगढ़़ से दो बार सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री बने
- नरपतसिंह राजवी, पूर्व मंत्री

- श्रीचन्द कृपलानी, मंत्री

- विजयसिंह झाला, मंत्री

- लक्ष्मणसिंह डूंगरपुर, विधानसभा अध्यक्ष

- नन्दलाल मीणा- मंत्री

- धनराज मीणा- पूर्व मंत्री

- निरंजननाथ आचार्य- पूर्व मंत्री

- सुरेन्द्रसिंह राठौड़- पूर्व मंत्री

- लक्ष्मणसिंह रावत- पूर्व मंत्री

- शिवदानसिंह चौहान- पूर्व मंत्री

- मान्धातासिंह- पूर्व मंत्री

- लक्ष्मीकुमार चुण्डावत- पूर्व मंत्री

- नानालाल वीरवाल- पूर्व मंत्री

-भोगीलाल पंडया-पूर्व मंत्री

- महेन्द्र परमार- पूर्व मंत्री

- गोविन्द आमलिया- पूर्व मंत्री

- पंूजालाल गरासिया-पूर्व मंत्री

- फतहसिंह -पूर्व मंत्री

- मांगीलाल गरासिया - पूर्व मंत्री

- महावीर भगोरा - सांसद

-चुन्नीलाल गरासिया -पूर्व मंत्री