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अगर नहीं है मतदाता सूची में नाम तो अभी भी आपके पास है मौका, इस तारीख तक जुड़वाएं नाम

राजनीतिक दलों की प्रतिनिधियों और मीडिया की बैठक जिला निर्वाचन अधिकारी के सामने उठे कई मुद्दे
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धीरेन्द्र जोशी/उदयपुर. मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो चुका है, लेकिन अब भी किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है तो वह इसमें नाम जुड़वा सकता है। इसकी अंतिम तिथि 30 मार्च है। यह बात जिला निर्वाचन अधिकारी आनंदी ने सोमवार को मीडिया और राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों की बैठक में कही। उन्होंने कहा कि मतदाता को चाहिए कि सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद अपना नाम एक बार सूची में देख लें। सूची में नाम नहीं होने पर जुड़वाने का मौका मतदान से कुछ दिनों पूर्व तक रहता है। ऐसे में मतदाता ऑनलाइन, संबंधित बीएलओ से सूची देखकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय कुमार व नरेश बुनकर, भाजपा के कुंतीलाल जैन, नाथूलाल जैन, कांग्रेस के त्रिलोक पूर्बिया व अरुण टांक, बसपा के जगदीश बावरिया, माकपा के प्रतापसिंह देवड़ा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में मौजूद हो पुलिस अधिकारी
पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया ने कहा कि कई बूथों पर कुछ समाज कंटक भी मौजूद रहते हैं। ऐसे में चुनाव संबंधित बैठकों में पुलिस के अधिकारी की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। इससे मतदान के दौरान कौन से बूथ पर धांधली हो सकती है और किन लोगों पर निगाह रखनी है, यह उन्हें पहले ही पता चल सके।

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मतदाता सूची से डिलीट नहीं होगा नाम
बैठक में विधानसभा चुनाव में प्राप्त शिकायतों पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि मतदाता सूची से अब कोई नाम नहीं काटा जाएगा, लेकिन सूची में नाम जोड़े जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में नाम कटने की शिकायत प्राप्त हुई थी। उस पर टीटू सुथार को नोटिस भेजकर विस्तृत जानकारी मांगी है। इधर, कांग्रेस देहात के प्रवक्ता टीटू सुथार ने बताया कि उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान शिकायत की थी जिसमें दोहरे नाम, त्रुटियों के बारे में बताया गया था। उन्हें दो दिन पहले नोटिस मिला है। इसके बारे में एक-दो दिन में जिला निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात करूंगा।

यहां करें शिकायत
जिला सम्पर्क केंद्र के टोल फ्री नंबर 1950 पर सुबह 9 से रात 9 बजे तक एवं प्रत्येक विधानसभा स्तर पर 24 घंटे कार्यरत कंट्रोल रूम रहेगा। सी-विजिल एप्लीकेशन पर आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी एवं चुनाव संबंधी किसी भी प्रकार की शिकायत मोबाइल फोन से भेजी जा सकती है।

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धारा 144 लागू
जिला मजिस्ट्रेट आनंदी ने जिले में शांतिपूर्वक, स्वतंत्र व निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से चुनाव करवाने के लिए धारा 144 लागू कर दी है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के बिना राजनीतिक प्रयोजनार्थ जुलूस, सभा रैली आदि का आयोजन नहीं करेगा। इंटरनेट तथा सोशल मीडिया यथा फेसबुक ट्विटर, वाट्स एप, यू-ट्यूब आदि के जरिये किसी भी प्रकार का धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष व दुष्प्रचार नहीं करेगा। साथ ही मंदिर, मस्जिद, गिरिजाघर, गुरुद्वारे या पूजा के अन्य धार्मिक स्थानों का प्रचार मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जाएगा। यह आदेश 6 मई तक प्रभावी रहेगा। इस निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन करने पर संबंधित को भादसं की धारा 188 के तहत दण्डित किया जाएगा।


संसदीय क्षेत्र में कुल 2049255 लाख वोटर्स
संसदीय निर्वाचन क्षेत्र उदयपुर में उदयपुर (अजजा) संसदीय क्षेत्र में कुल 20 लाख 49 हजार 255 मतदाता है। इनमें से 10 लाख 40 हजार 189 पुरुष व 10 लाख 9 हजार 66 महिला मतदाता शामिल है।