
लापरवाही की हद देखिए: इस क्षेत्र की धात्री व गर्भवती महिलाओं को नहीं मिलेगी पोषक पंजीरी
उदयपुर/ झाड़ोल. उपखण्ड की 59 ग्राम पंचायतों में रहने वाली करीब 6 हजार धात्री और गर्भवती महिलाओं के लिए बुरी खबर है। उन्हें अबकी गुरुवार उनके क्षेत्र में संचालित 310 आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषक पंजीरी नसीब नहीं होगी। विभागीय ढिलाई के चलते पंजीरी बनाने वाले समूह का अमृता सोसायटी में पंजीकरण नहीं होने से ये समस्या गहरा गई है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक आंगनबाड़ी पाठशाला से जुड़ी करीब 5 हजार 907 महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध कराने वाले 108 कलस्टर का एमओयू नहीं होने से ये सुविधा इसमें नहीं मिलेगी।
एमओयू एक माह बढ़ाया
क्षेत्र की सभी आंगनवाडिय़ों पर पंजीरी निर्माण कर वितरण वाले समूहों से विभागीय एमओयू 31 मार्च को खत्म हो गया था। आनन-फानन में व्यवस्था संचालन के लिए विभाग ने इस अनुबंध को एक माह और बढ़ा दिया। चुनावी आचार संहिता के बीच विभाग ने अनुबंध को एक बार फिर दो माह के लिए बढ़ा दिया। लेकिन, आचार संहिता के बाद भी विभाग स्तर पर मामले के प्रति गैरजिम्मेदारी बरती गई।
यहां होता है पंजीकरण
महिला अधिकारिता विभाग की ओर से 23 अपे्रल को आदेश देकर महिला बाल विकास अधिकारियों को अमृता सोसायटी में स्वंय सहायता समूहों के पंजीकरण कराने के लिए निर्देशित किया गया था। इसमें समूह गठन प्रस्ताव प्रति व अंतिम बैठक कार्रवाई विवरण की प्रति, समूह के अध्यक्ष का आधार कार्ड, समूह बैंक खाते की प्रति, भौतिक सत्यापन प्रमाण पत्र, खाद्य लाइसेंस की प्रति पोषाहार देने वाले स्वंय सहायता समूह से जुड़े सभी दस्तावेज जुटाकर सोसायटी में पंजीकरण कराना होता है।
हर सोमवार पहुंचती थी पंजीरी
पुरानी व्यवस्था के तहत कलस्टर व आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित होने वाली पंजीरी तय दिन सोमवार को पहुंच जाती थी। लेकिन, एमओयू नहीं होने से इस बार पंजीरी नहीं पहुंच सकी है। निर्माण से जुड़े समूहों ने अनुबंध के अभाव में पंजीरी निर्माण बंद कर दिया। समूह वितरण के बाद अटकने वाले बिल को लेकर चिंतित हैं।
नहीं हुआ पंजीकरण
ये सही है कि कलस्टर्स का पंजीकरण नहीं हो सका है। पंजीकरण होने तक १५ दिन के लिए एमओयू को आगे बढ़ाने के आदेश जारी करेंगे।
महावीर खराड़ी, उपनिदेशक, महिला एंव बाल विकास विभाग
Published on:
05 Jun 2019 06:00 am
