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LPG Crisis: कम सिलेंडर में कैसे होगी शादी? पहला न्योता भगवान और दूसरा DSO को, 3 सिलेंडर की लिमिट ने बढ़ाई टेंशन

LPG Crisis: उदयपुर में एलपीजी संकट ने शादी समारोहों की रौनक पर असर डाला है। 3 सिलेंडर की लिमिट से परिवार परेशान हैं और डीएसओ कार्यालय में शादी कार्ड के साथ आवेदन दे रहे हैं।

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LPG Crisis Hits Weddings

रसद विभाग कार्यालय में गैस सिलेंडर आवेदन के लिए लोगों की भीड़ (फोटो-पत्रिका)

Gas Cylinder Shortage: उदयपुर: इस शादी सीजन में एक दिलचस्प और अनोखा ट्रेंड देखने को मिल रहा है। पहला कार्ड भगवान को और दूसरा जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) को! वजह है रसोई गैस सिलेंडर की कमी, जिसने शादियों की तैयारियों को भी प्रभावित कर दिया है।

उदयपुर जिले के डीएसओ कार्यालय में इन दिनों शादी के कार्डों के साथ लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। आम आदमी से लेकर वीआईपी परिवार तक, हर कोई अपने यहां होने वाली शादी के लिए अतिरिक्त गैस सिलेंडर की मांग लेकर पहुंच रहा है।

हालात ऐसे हैं कि रसद अधिकारी भी खुद को शादी का खास मेहमान मानने लगे हैं, क्योंकि हर दिन उन्हें न्योते मिल रहे हैं। शादियों में सिर्फ रिश्तेदारों को ही नहीं, बल्कि सिलेंडर दिलाने वालों को भी खास मेहमान माना जा रहा है।

डीएसओ मनीष भटनागर ने बताया कि अभी तक कार्यालय में 17 से 29 अप्रैल तक की शादियों के लिए 72 आवेदन आए है। सभी को नियमानुसार तीन सिलेंडर दिए जा रहे हैं।

कार्ड के साथ मनुहार भी

नियम के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में 3 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2 कमर्शियल सिलेंडर दिए जा रहे हैं, लेकिन मांग इससे कहीं ज्यादा है। अधिकांश लोग 15 से 20 सिलेंडर तक की डिमांड कर रहे हैं।

कार्ड देने के साथ लोग अधिकारियों से व्यक्तिगत मनुहार भी कर रहे है। कह रहे हैं कि साहब, शादी है, मेहमान ज्यादा हैं, थोड़ा सहयोग कर दीजिए…कई लोग तो अपने राजनीतिक संपर्कों का सहारा लेकर फोन भी करवाने में जुटे हैं, ताकि अतिरिक्त सिलेंडर मिल सके।

युद्ध का असर अब शादी पर

एलपीजी की इस किल्लत के पीछे अंतरराष्ट्रीय हालात भी जिम्मेदार बताए जा रहे हैं। ईरान-इजराइल युद्ध के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर अप्रैल और मई के विवाह सीजन पर पड़ा है।

वैशाख और ज्येष्ठ माह में 8 मई तक कई शुभ मुहूर्त हैं। आगामी 19, 20, 21, 26, 29 अप्रैल और 5 से 8 मई तक शादियों की भरमार है। ऐसे में गैस की मांग अचानक बढ़ गई है।

कम सिलेंडर में कैसे होगी शादी?

  • सिलेंडर की कमी के चलते लोगों ने अपने स्तर पर जुगाड़ निकालना शुरू कर दिया है
  • लकड़ी और कोयले के चूल्हे से कई परिवार पारंपरिक तरीकों पर लौट रहे हैं
  • डीजल, भट्टी चूल्हे से हलवाई बड़े कढ़ाहों के लिए वैकल्पिक ईंधन अपना रहे हैं
  • सिलेंडर शेयरिंग पड़ोसियों और रिश्तेदारों से सिलेंडर उधार लेकर काम चलाया जा रहा है
  • मेन्यू में बदलाव में कुछ परिवारों ने व्यंजनों की संख्या कम कर दी है

3 सिलेंडर में कैसे होगा काम

लोगों का कहना है कि 2-3 सिलेंडर में शादी का पूरा भोजन तैयार करना संभव नहीं है। एक शादी में सैकड़ों मेहमान होते हैं, ऐसे में इतनी सीमित गैस व्यवस्था बड़ी चुनौती बन गई है। शहर में यह पहली बार हो रहा है कि डीएसओ कार्यालय शादियों का अहम केंद्र बन गया।