
उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल में ड्रग सप्लायर की ‘दबंगई’ , करोड़ों की निविदा में दस्तावेज से डीडी निकालकर फाड़ा
डॉ. सुशीलसिंह हाड़ा/ उदयपुर . संभाग के सबसे बड़े महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय में ड्रग सप्लायर की दबंगई बढ़ती जा रही है। उसका दुस्साहस देखें कि उसने 40 करोड़ की निविदा प्रक्रिया में एक आवेदन के साथ नत्थी डीडी तक को फाड़ दिया। जब मामला गरमा गया है तो चिकित्सालय प्रशासन ने गुरुवार को मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया। अब ड्रग सप्लायर की कार्यालय में उपस्थिति को लेकर सीसीटीवी फुटेज तलाशे जा रहे हैं। इधर, संबंधित कार्मिकों ने भी ड्रग सप्लायर की कार्यालय में उपस्थिति एवं उसके द्वारा दस्तावेज गायब करने की लिखित में पुष्टि कर दी है।
ये है मामला
चिकित्सालय में आपात दवा खरीद को लेकर प्रशासनिक स्तर पर 40 करोड़ रुपए की निविदाएं आमंत्रित की गई थी। ऑनलाइन आवेदन के बाद 8 अगस्त तक इसकी हार्ड कॉपी व डीडी जमा करवाना तय था। निविदा में करीब 6 आवेदन डीडी के साथ आए। इनमें एक आवेदन कोटा से था, जिसका लिफाफा स्थानीय होलसेल दवा विक्रेता ने चिकित्सालय रिकॉर्ड में दर्ज करवाया। बाद में उसने खुद के नाम का लिफाफा होने का हवाला देकर दस्तावेज में शामिल डीडी गायब कर दिया।
क्यों किया बाहर
मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब कोटा के आवेदक को तकनीकी बीड से बाहर कर दिया गया। उसने यहां आकर चिकित्सालय से इसका कारण पूछा। उसे बताया गया कि उसका डीडी नहीं मिला है। ऐसा माना जा रहा है कि कोटा की फर्म ने कम दर में दवाइयां उपलब्ध करवाने पर सहमति दी थी, इसीलिए स्थानीय ड्रग सप्लायर ने उसका डीडी फाडऩे का कदम उठाया।
...तो होगी एफआईआर
जांच रिपोर्ट में आरोपी ड्रग सप्लायर के खिलाफ ठोस सबूत मिलते ही उसके खिलाफ सरकारी दस्तावेज फाडऩे की एफआईआर कटाई जाएगी। फिलहाल संबंधित मंत्रालयिक कार्मिकों से लिखित में जवाब लिया गया है।
डॉ. लाखन पोसवाल, अधीक्षक, एमबी हॉस्पिटल
Published on:
24 Aug 2018 01:55 pm
