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Monsoon 2025 Prediction: मई महीने में लगातार 9 दिन तक हुई बारिश, क्या मानसून के लिए शुभ संकेत ? हो गई नई भविष्यवाणी

Monsoon 2025: उदयपुर सहित पूरे दक्षिणी राजस्थान में मौसमी बदलाव देखने को मिला है, जब की इससे पहले मई के प्रारम्भ में बरसात नहीं होती थी। यह मानसूनी बरसात के लिए शुभ संकेत है।

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Monsoon 2025 Prediction

Rajasthan Monsoon 2025 Prediction: पश्चिमी विक्षोभ के चलते उदयपुर सहित दक्षिण राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में लगातार बरसात हो रही है। अरब सागर से उठ रही नमी वाली हवाएं गुजरात और राजस्थान में बारिश करवा रही हैं।

यह पहला मौका है, जब मई की गर्मी में मंगलवार को लगातार 9वें दिन बरसात हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दिनों बरसात की यह स्थिति मानसून के लिए अच्छी है। इससे मानसूनी बरसात में इजाफा होगा। मंगलवार को प्रदेश में कहीं-कहीं मेघ गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बरसात हुई।

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सर्वाधिक बरसात सीकर में 37 मिमी दर्ज की गई। सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान बीकानेर में 42.5 डिग्री रहा। अधिकांश भागों में हवा में नमी औसत 24 से 88 प्रतिशत के बीच रही। प्रदेश में बरसात की स्थिति देखें तो सीकर में 4 मिमी, कुंभलगढ़ व लक्ष्मणगढ़, सुमेरपुर, जवाई बांध में 3-3, लोहारिया, नारायणा, श्रीमाधोपुर में 2-2 मिमी बरसात हुई।

यह बन रही संभावना

  • * पूर्वी राजस्थान के कोटा, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर संभाग के कुछ भागों में 14 मई को भी कहीं-कहीं मेघ गर्जना के साथ हल्की मध्यम बरसात होने व 15 मई से अधिकांश भागों में मौसम मुख्यत: शुष्क रहने, तापमान 2-3 डिग्री बढ़ने की संभावना है।
  • * पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों से आंधी-बरसात में कमी होने और तापमान में 2-3 डिग्री बढ़ोतरी होने की संभावना है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के सीमावर्ती क्षेत्रों में 15 मई से अधिकतम तापमान 44-45 डिग्री होने व हीट वेव शुरू होने की संभावना है।

टॉपिक एक्सपर्ट

उदयपुर सहित मेवाड़ और दक्षिणी राजस्थान में इस बार मई के पहले सप्ताह से ही लगातार बरसात हो रही है। हर दिन खण्ड बरसात होने का प्रमुख कारण उत्तरी अरब सागरीय विक्षोभ का सक्रिय होना है। मध्य एवं उत्तरी अरब से आने वाली नमी युक्त हवाओं का यहां तक पहुंचना और सम्पूर्ण दक्षिणी राजस्थान में उच्च तापमान से स्थानीय स्तर हल्का निम्न वायु दाब बनना कारण है। यह पहला मौका है कि उदयपुर सहित पूरे दक्षिणी राजस्थान में इस प्रकार का मौसमी बदलाव देखने को मिला है, जब की इससे पहले मई के प्रारम्भ में बरसात नहीं होती थी। यह मानसूनी बरसात के लिए शुभ संकेत है।
प्रो. नरपतसिंह राठौड़, मौसमविद

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