
यह कश्मीर नहीं, बल्कि झीलों की नगरी को घेरे गिर्वा की वादियां हैं, जिसका अनुपम प्राकृतिक सौन्दर्य देश-दुनिया के पर्यटकों को खींच लाता है। इसके दम पर ट्यूर एंड ट्रेवल्स के सर्वे में प्राकृतिक सौन्दर्य की दृष्टि से उदयपुर को दुनिया का तीसरा श्रेष्ठ चुना है। गौरतलब है कि भारत से एकमात्र उदयपुर को सर्वे में स्थान मिला है। तस्वीर में बादलों के आगोश में ‘मानसून‘ पैलेस सज्जनगढ़। (प्रमोद सोनी)

इस महल का निर्माण सं 1884 में मेवाड़ राजवंश के महाराणा सज्जन सिंह ने करवाया था। इसलिए इसका नाम सज्जनगढ़ रखा गया। ऐसा भी कहा जाता है कि महाराणा ने इस महल का निर्माण पहाड़ की चोटी पर इसलिए करवाया ताकि वे अपने पैतृक घर जो चित्तौरगढ़ में है को देख सके। (प्रमोद सोनी)

अब यह महल राजस्थान सरकार के वन विभाग के अधीन है। इस महल से सूर्यास्त का आकर्षक दृश्य भी देखने को मिलता है। महल के द्वारा शहर की झीलों, महलो और इसके आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों को देखा जा सकता है।

मानसून महल उदयपुर के पश्चिम से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जहां से पिछोला लेक का शानदार नजारा दिखाई देता है।

उदयपुर में भारत के किसी भी शहर से रोड और हवाई मार्ग द्वारा पंहुचा जा सकता है।