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मन के लिए विजय जुलूस की ‘मनुआर, अपनों की ‘फूट से हुई भाजपा की ‘हार

nagar palika news नगर पालिका बोर्ड की सत्ता गवां चुकी भाजपा के सिपहसलारों के चेहरों पर झलकी मायूसी, विपक्ष ने भाजपा के बिखरने की ली चुटकी
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मन के लिए विजय जुलूस की 'मनुआर, अपनों की 'फूट से हुई भाजपा की 'हार

मन के लिए विजय जुलूस की 'मनुआर, अपनों की 'फूट से हुई भाजपा की 'हार

उदयपुर/ कानोड़. nagar palika news नगर पालिका बोर्ड कानोड़ की सत्ता से बेदखल हुई भाजपा ने रविवार को विजेता पार्षदों के साथ चुनावी प्रत्याशियों को लेकर नगर क्षेत्र में विजय जुलूस निकाला। मन की तसल्ली के साथ आमजन को भाजपा में एकता की दुहाई देने वाले इस जुलूस में वरिष्ठ नेताओं के चेहरे पर मायूसी की झलकियां साफ दिखाई दी। बैण्डबाजों के साथ मंडल अध्यक्ष भगवतीलाल शर्मा के निर्देशन में जुलूस नगर के कई हिस्सों से होकर गुजरा। लेकिन, संगठन के बड़े पदाधिकारियों की गैर मौजूदगी यहां चर्चा का विषय रही। एक ओर भाजपा खुद को एकता का पर्याय बताने में जुटी रही तो कांग्रेस में भाजपा के भीतर पसरी गुटबाजी को भुनाने का कोई मौका नहीं गंवाया। ये बात अलग है कि इस बार पालिका बोर्ड बनाने में कांग्रेस का भाग्य ने भी साथ दिया, लेकिन आपसी कटूता के बीच जनता सेना को साथ नहीं लेने के फैसला भी भाजपा के लिए सत्ता गंवाने की बड़ी वजह बनकर आया। लोगों में चर्चा रही कि 'भाईसाहबÓ की नहीं सुनते तो भाजपा और जनता सेना मिलकर क्षेत्र में बोर्ड बना लेते।

पुरोहित वाटिका में मजमा
विजय जुलूस में शामिल पदाधिकारी व भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य मार्गों पर शिरकत के साथ पार्टी की जीत का संदेशा लोगों तक पहुंचाने का कोई मौका नहीं गंवाया। चुने गए पार्षद भी लोगों का जुलूस के बीच में आभार जताते रहे। अंत में जुलूस का पुरोहित वाटिका में पहुंचकर समापन हुआ। मौके पर विजेता पार्षदों ने पार्टी और बोर्ड को लेकर आवश्यक विचार व्यक्त किए। पार्षद दीपक शर्मा , लोकेश पुरोहित, दौलतराम भोई, दुर्गा मीणा, गुड्डी मीणा, लाली बाई मेघवाल, लक्ष्मीलाल ओड़ सहित मौजूद थे। भाजपा जिला प्रभारी दिनेश जोशी, हेमंत त्रिवेदी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।

भाजपा ने जीती बाजी हारी
भाजपा व कांग्रेस नगर पालिका में बराबर की हिस्सेदार बनी। वहीं वर्षो पहले भाजपा से अलग हुए जनता सेना सुप्रीमो राष्ट्रीय दलों की टक्कर में आकर एक कम सीट से निर्णायक वाली स्थिति में रहे। लेकिन, सात सीट जीतकर भी भाजपा केवल टसक में बोर्ड नहीं बना सकी। राजनीतिज्ञों का कहना है कि भाजपा को भाग्य पर भरोसा जताने की बजाए जनता सेना से हाथ मिलाकर बोर्ड बनाना चाहिए था। इसकी वजह साफ है कि जनता सेना वैचारिक तौर पर भाजपा की हमदर्द है। nagar palika news जानबूझकर हुई गलती से सत्ता गवां चुकी भाजपा के खेमे में बोर्ड से बेदखल होने की मायूसी भी यहां चर्चा का विषय बनी रही।