
मां भगवती को प्रसन्न करने के लिए इस मंदिर में चढ़ाई जाती हैं हथकडि़यां और बेड़ियां
मूूंगाणा .वैसे तो नवरात्र के दौरान मां भगवती को प्रसन्न करने के लिए नारियल, सिंदूर, मेहंंदी, चूडिय़ां, बिन्दी, वस्त्र आदि चढ़ाए जाते हैं। लेकिन एक ऐसा मंदिर भी है, जहां देवी को हथकडिय़ां और बेडिय़ां चढ़ाई जाती हैंं। लोकमान्यता के अनुसार मंदिर के प्रांगण में गड़े त्रिशूल में कई हथकडिय़ां इस बात की गवाही दे रही हैंं।
दरअसल, प्रतापगढ़ से 35 किमी दूरी पर जोलेर ग्राम पंचायत की ऊंची पहाड़ी पर स्थित दिवाक माता के प्राचीन मंदिर के चारों ओर घना जंगल है। छोटी-बड़ी पहाडिय़ों और ऊंची-नीची पगडण्डियों को पार कर पैदल ही यहां पहुंचा जा सकता है। बता दें, मंदिर के प्रति श्रद्धा के चलते इस इलाके में कोई पेड़ नहीं काटा जा सकता है। यहां प्रति वर्ष शारदीय और चैत्र नवरात्र में ज्योति कलश प्रज्जवलित किए जाते हैं। इस समय माताजी के दर्शन के लिए श्रद्धालुुओंं की रेलमपेल लगी हुई है।
Updated on:
05 Oct 2019 07:28 pm
Published on:
05 Oct 2019 07:28 pm
