2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अमराई घाट : अब मोबाइल के नहीं देने होंगे 200 रुपए

रंग लाई राजस्थान पत्रिका की मुहिमः उदयपुर (Udaipur) में हुई बैठक में अधिकारियों ने माना ठेकेदार कर रहा था मनमानी, आदेश में राजस्थान पत्रिका की मुहिम का दिया गया हवाला  

2 min read
Google source verification
Amarai Ghat

उदयपुर के अमराई घाट पर बैठे युवा।

उदयपुर. अमराई घाट पर अब शहरवासी और पर्यटक आराम से मोबाइल ले जाने के साथ ही सेल्फी और फोटो खींच सकेंगे। ठेकेदार की ओर से इसे लेकर किसी प्रकार की मनाही नहीं होगी। ठेकेदार द्वारा मनमर्जी से की जा रही वसूली को लेकर राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाई गई मुहिम को लेकर प्रशासन और देवस्थान विभाग के अधिकारियों ने इस घाट पर फर्म की ओर से लगाई मोबाइल की पाबंदी को तुरंत प्रभाव से समाप्त करने के आदेश दिए हैं। ठेकेदार की मनमानी के चलते यहां आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही थी। पर्यटकों और शहरवासियों की पीड़ा को समझते हुए राजस्थान पत्रिका ने इस मुद्दे को मुहिम के रूप में लिया और ठेकेदार की लूट को उजागर किया था। इसके बाद शहर के कई संगठनों ने ठेकेदार द्वारा मनमर्जी से वसूली जा रही मोबाइल की राशि का विरोध किया। इसे लेकर प्रशासन और देवस्थान विभाग ने मंगलवार को बैठक ली। इसमें अधिकारियों के साथ ही ठेकेदार फर्म रेडियेंट ट्यूर के संवेदक भी मौजूद थे। बैठक में उपायुक्त देवस्थान (अतिरिक्त कार्यभार सहायक आयुक्त) ने बताया कि अमराई घाट पर ठेका फर्म द्वारा निविदा शर्तों के विपरीत जाकर कार्य करना बताया। इसे लेकर पूर्व में दो बार फर्म पर 10 हजार और 50 हजार की पैनल्टी लगाने की जानकारी भी दी। बैठक में उपस्थित एडीएम (प्रशासन व शहर) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मूल विवाद का कारण फर्म की ओर से अमराई घाट पर प्रवेश करने वालों को प्रवेश शुल्क 10 रुपए के साथ मोबाइल से फोटोग्राफी के नाम पर 200 रुपए वसूलना बताया। शुल्क नहीं देने वालों को मोबाइल अंदर नहीं ले जाने देकर टिकट काउंटर पर ही जमा करना पाया गया। साथ ही मंदिर दर्शन के लिए प्रवेश की परेशानी, अवरोध तथा प्रवेश शुल्क की बाध्यता की बातें सामने आई थी। इससे लोगों और पर्यटकों में रोष व्याप्त था।

ये निर्णय भी लिए

शर्तोंं के विपरीत वसूली, तुरंत रोक लगाने के निर्देश

बैठक में फर्म के संवेदक प्रदीप जोशी से उनका पक्ष सुना गया। जोशी ने बताया कि देवस्थान विभाग के संयुक्त शासन सचिव स्तर पर जुलाई माह में बैठक हुई थी। इसके बिंदु संख्या 7 के अनुसार मोबाइल जमा करने का हवाला देते हुए मोबाइल अंदर ले जाने वालों से कैमरा शुल्क वसूलना स्वीकार किया गया। इस पर एडीएम और अन्य अधिकारियों ने शहर के अन्य पर्यटन स्थलों की कार्यप्रणाली देखी। अधिकारियों ने पाया कि फर्म द्वारा मोबाइल के 200 रुपए वसूल कर कैमरा की रसीद देनी शुरू कर दी। यह निविदा शर्तों के विपरीत वसूली की श्रेणी में होने से इस पर तत्काल रोक लगाने का निर्णय लिया गया। सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग इसकी पालना सुनिश्चित करेंगे।

इस वर्ग को मिलेगी टिकट से राहत

बैठक में फर्म को पाबंद किया गया कि अमराई घाट पर मंदिर दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं, श्रावणी उपाकर्म, क्रियाकर्म आदि के लिए प्रवेश करने वालों का प्रवेश नि:शुल्क रहेगा। सहायक आयुक्त देवस्थान समय-समय पर इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।

इन अधिकारियों की मौजूदगी रही

बैठक में अतिरिक्त आयुक्त देवस्थान ओपी जैन, एडीएम प्रशासन ओपी बुनकर, एडीएम सिटी प्रभा गौतम, डीएसपी महेंद्र पारीक, मुख्य लेखाधिकारी देवस्थान सुरेंद्र तातेड, उपायुक्त एवं सहायक आयुक्त देवस्थान सुनील मत्तड़, सहायक आयुक्त (मुख्यालय) दीपिका मेघवाल, संवेदक प्रदीप जोशी मौजूद थे।


बड़ी खबरें

View All

उदयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग